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मोदी का गुजरात नहीं है विकसित राज्य!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Sep 2013 12:08 PM IST
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नरेंद्र मोदी का गुजरात पूर्ण विकसित राज्यों की श्रेणी में नहीं है। यह बात भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से तैयार कम विकसित राज्यों की रिपोर्ट में सामने आई है।
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यूपीए सरकार नए राजनीतिक समीकरणों के लिए दिनरात एक कर रही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विशेष राज्य के दर्जे की मांग के बाद राज्यों को फंड देने का नया फॉर्मूला देने के लिए गठित रघुराम राजन समिति ने अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंप दी है।
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इसमें गुजरात को कम विकसित और उत्तराखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में रखा गया है।
इसके तहत ‘विशेष राज्य’ के दर्जे को समाप्त कर नए मानकों के तहत विकास के पैमाने पर राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें बिहार और ओडिशा सबसे कम विकसित राज्यों में शुमार हैं।
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हालांकि समिति ने वित्तीय संसाधनों के हस्तांतरण का कोई फार्मूला नहीं दिया है, लेकिन गरीबी के साथ राज्यों के लिए विकास के प्रदर्शन को भी इसका आधार बनाने की सिफारिश की है।
इस समय मुखर्जी-गाडगिल फॉर्मूले और वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर संसाधन आवंटित होते हैं। समिति की रिपोर्ट के बारे में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बताया कि आर्थिक मामले विभाग को रिपोर्ट की सिफारिशों पर काम करने के लिए कहा गया है।
इसके लागू होने की कोई समय सीमा नहीं है, लेकिन अगले वित्त वर्ष (2014-15) में सिफारिशों पर अमल होने की संभावना है।
रिपोर्ट में राज्य की विकास संबंधी जरूरतों के साथ-साथ उसके प्रदर्शन को भी फंड आवंटन का आधार बनाने की सिफारिश की गई है। पैनल ने ‘विशेष राज्य’ की कैटेगरी खत्म राज्यों को तीन श्रेणियों में रखने का सुझाव दिया है।
अभी तक विशेष राज्य दिए जाने के लिए राज्य की प्रति व्यक्ति आय, भौगोलिक परिवेश समेत अन्य आर्थिक मानदंड आदि देखे जाते रहे हैं। समिति की सिफारिशों के अनुसार अब प्रमुख मानक होगा राज्यों में प्रति व्यक्ति उपभोग।
इसके अलावा 12वीं योजना में परिभाषित गरीबी के स्तर को देखा जाएगा जिसमें मानव विकास के मानक शामिल होंगे।