गुजरात में एसपी भी गांव लेंगे गोद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदम पर चलते हुए गुजरात के गृहमंत्री ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को मोदी की आदर्श ग्राम योजना की तर्ज पर एक-एक आदर्श ग्राम गांव गोद लेने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के पुलिस अधिकारियों के इस निर्देश में गांवों को सुरक्षा की दृष्टि से आदर्श बनाने को नहीं बल्कि सांसदों की तरह एक गांव को गोद लेकर उसका विकास करने के लिए है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के गृहमंत्री रजनीकांत पटेल को पुलिस अधिकारियों के माध्यम से आदर्श ग्राम बनाने का विचार आया जिसे मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से भी स्वीकृत मिल चुकी है।
रजनीकांत पटेल ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारी उनके इस निर्देश का सही से पालने करें इसके लिए गृह विभाग दिशा-निर्देश भी तैयार करेगा। इस पर पुलिस अधिकारियों की अलग-अलग प्रतिक्रिया मिली है।
क्या कहा पुलिस अधिकारियों ने?
गृहमंत्री पटेल के इस निर्देश पर विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि यह एक विचार है जिस पर गृह मंत्रालय काम करना चाहता है। इसे पुलिस अधिकारियों को अपनाना चाहिए जिससे कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव आ सके।
वहीं राज्य के पुलिस अधिकारियों ने इस पर मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। सूरत के एसपी प्रदीप शेजुल ने कहा कि दक्षिण गुजरात एक आदिवासी लोगों का इलाका है। आर्दश ग्राम के तहत एक गांव और आदिवासी लोगों के विकास लिए यह उनके लिए एक बड़ा अवसर होगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों के लोग आज भी सरकार तक नहीं पहुंच पाते और अपनी समस्या भी सरकार के सामने नहीं ला पाते। ऐसे उन लोगों के पास जाकर उनकी समस्याओं को दूर करने का मौका मिलेगा।
वहीं अहमदाबाद के एसपी निर्लिप्त राय ने कहा कि उन्हें कहा गया तो वह इस योजना के तहत निश्चित रूप से एक गांव गोद लेंगे।