हार्दिक के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और अन्य पांच लोगों के खिलाफ राजद्रोह और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में दर्ज दूसरी एफआईआर पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
जस्टिस जेबी परदीवाला की अदालत में लोक अभियोजक मितेश अमीन ने मजबूती से हार्दिक और अन्य पांच लोगों के खिलाफ बहस के दौरान अपराध शाखा की ओर से कड़े आरोप लगाए जाने का बचाव किया। हार्दिक के अलावा अन्य पांच लोगों में केतन पटेल, चिराग पटेल, दिनेश पटेल, अल्पेश कठिरिया और अमरीश पटेल शामिल है।
फोन रिकॉर्डिंग के आधार पर केस
अमीन के अनुसार इन लोगों के खिलाफ एफआईआर अपराध शाखा की ओर से फोन पर की गई बातचीत रिकॉर्ड के आधार पर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अपराध शाखा ने इस साल जुलाई और सितंबर के बीच इन पटेल नेताओं के बीच 200 से अधिक कॉल को रिकॉर्ड किया है।
इसके कड़ी में 35 लाख से अधिक भड़काऊ संदेश भी हैं। अमीन ने आरोप लगाया कि ये बातचीत ‘बहुत भड़काऊ’ है। इनमें समर्थकों से पुलिस चौकियों को आग लगाने, रेलवे पटरियों को उखाड़ने और पुलिस की हत्या करने की बात भी शामिल है।