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गुजराल ने संवारा था भारत, पाक के रिश्तों को

Fri, 30 Nov 2012 10:42 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 30 Nov 2012 10:42 PM IST
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gujral was bridge between indo pak relation

इंद्र कुमार गुजराल भारत के 12वें प्रधानमंत्री थे। 1997 में संयुक्त मोर्चा सरकार में प्रधानमंत्री रहते हुए भारत पाकिस्तान के रिश्तों को संवारने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। 1996 में परमाणु विस्फोटों के बाद जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कड़वाहट भर गए थे, गुजराल ने अपनी पहलकदमी से शांति का एक नया सिलसिला शुरू किया। जिसे बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रित्वकाल में समझौता यात्रा के रूप में आगे बढ़ाया।  

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दरअसल गुजराल के निजी रिश्ते भी पाकिस्तानी नेताओं, शायरों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं करीबी थे। .इन रिश्तों ने ही भारत-पाकिस्तान के संबंधों को बेहतर बनाने मे मदद की। गुजराल संयुक्त मोर्चा सरकार में विदेश मंत्री भी रहे। विदेश मंत्री रहते हुए उन्हें पड़ोसी मुल्कों को कई रियायतें दीं ताकि उनसे करीबी बढ़ाई जा सके।
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गुजराल के पिता अवतार नारायण गुजराल पाकिस्तान की संविधान सभा के सदस्य थे। गुजराल ने अपनी राजनीति की शुरूआत कांग्रेस के साथ की। लेकिन आपातकाल के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। कांग्रेस को छोड़ गुजराल जनता पार्टी में शामिल हो गए। बाद में वे जनता दल का हिस्सा बने और इस दल के विभाजन के बाद उन्होंने राजनीति को लगभग अलविदा कह दिया।
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प्रधानमंत्री के रूप में गुजराल ने 11 महीने ही कार्य किया लेकिन पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंधों का मधुर बनाने की उन्होंने जो पहल की वह उन्हें बाकी नेताओं से अलग खड़ा करती है।

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