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इस आक्रोश से मिली थी जेपी को आंदोलन की प्रेरणा
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Sun, 04 Aug 2013 07:44 PM IST
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गुजरात के चिमनभाई पटेल सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों का विरोध प्रदर्शन लोकनायक जयप्रकाश नारायण के बिहार आंदोलन के लिए प्रेरणा बना था।
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इसी छात्र आंदोलन से प्रोत्साहित होकर जयप्रकाश नारायण ने पूरे देश में समग्र कांति की अलख जगाई। जिसके बाद देश में आपातकाल की नौबत आई।
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार सत्तर के दशक में जयप्रकाश नारायण ने गुजरात के छात्रों के गजब के आक्रोश और उत्साह को पूर्वी राज्यों में क्रांति के लिए सबसे बेहतर माना।
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छात्रों के विद्रोह से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने अपने बिहार आंदोलन को आगे बढ़ाया। जिसके बाद देश में आपातकाल की घोषणा हुई।
तत्कालीन गृह मंत्री ब्रह्मानंद रेड्डी ने 21 जुलाई 1975 को राज्यसभा में 25 जून को आपातकाल की अनुमति दिए जाने संबंधी प्रस्ताव पर दिए अपने भाषण में गुजरात और बिहार के आंदोलनों के संबंधों को उजागर किया था
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रेड्डी ने उल्लेख किया था कि कैसे जयप्रकाश नारायण गुजरात के छात्र आंदोलन से प्रोत्साहित हुए और अपने आंदोलन को बेहतर ढंग से हवा दी।
रेड्डी ने कहा कि जेपी यानी जयप्रकाश नारायण को राजनैतिक बदलाव के लिए अपने बिहार आंदोलन को पूरे देश में फैलाने के लिए किसी माध्यम की तलाश थी।
इसी बीच उन्होंने देखा कि गुजरात के छात्र जनता के समर्थन से राज्य में राजनैतिक बदलाव का बिगुल फूंके हुए हैं।
बाद में इससे ही उत्साहित होकर उन्होंने अपने आंदोलन को आगे हवा दी। जिसके बाद देश में आपातकाल लगाया गया।