बर्खास्त IPS अधिकारी संजीव के बेटे ने लिखा 'मैं आपको सैल्यूट करना चाहता हूं'
पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की बर्खास्तगी के बाद केवल राजनीति में ही भूचाल नहीं आया बल्कि गुजरात सरकार के इस फैसले से उनका परिवार भी दुखी है।
संजीव भट्ट पर गुजरात सरकार ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों ने सरकार के इस फैसले का विरोध शुरु कर दिया।
सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों ने जहां सरकार के फैसले को गलत बताया वहीं खुद को I Am Sanjiv Bhatt नाम से पोस्ट भी लिखे।
मुझे अपने बेटे पर गर्व है
संजीव भट्ट की बर्खास्तगी के कुछ घंटे बाद ही उनके बेटे शांतनु भट्ट ने भी
अपने पिता के टाइमलाइन पर एक पोस्ट लिखी। जिसके बाद संजीव भट्ट ने लिखा कि
मेरे बेटे को जब मेरी बर्खास्तगी की खबर पता चली तो वो किंग्स क्रास स्टेशन
पर था, जिसके बाद उसने मुझे यह संदेश भेजा। मुझे अपने इस प्यारे बेटे पर
गर्व है।
वहीं शांतनु ने अपने पापा की टाईमलाइन पर लिखा है कि यह दिन बहुत ही दुखद है जब भारतीय गणराज्य, अपना सबसे प्रतिभाशाली, बुद्धिमान, ईमानदार और साहसी अधिकारी खो चुका है।
मैं अपने पिता को सैल्यूट करना चाहता हूं। मैं इन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। अपने पिता का बेटा होने के साथ-साथ इस अद्भुत देश का जिम्मेदार, शिक्षित और जागरुक नागरिक होने की हैसियत से भी मैं अपने पिता को सैल्यूट करना चाहता हूं।'
आपने वही किया जो सही था
आपने वही काम किया जो सही था, बिना यह सोचे-समझे कि उनके इस काम का
उनकी नौकरी और पुलिस सेवा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।'
शांतनु आगे लिखते हैं कि
'मैं आपको इसलिए भी धन्यवाद कहना चाहूंगा क्योंकि आपने उन लोगों की मदद की
है मदद के लिए चीख रहे थे और उनके विरोध की आवाज बहरे कानों तक नहीं
पहुंची।
मैं आज आपको यह बताना चाहता हूं कि मैं आप कितना गर्व करता हूं।
आपने एक ऐसे सिस्टम से अपनी लड़ाई लड़ी है जो अच्छी तरह से सुसज्जित तो है
ही साथ ही साथ खतरनाक तरीके से विकृत भी है।'
ये आपके जीवन का नया अध्याय
लेकिन मैं आप को याद दिला दूं
कि ये लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। बल्कि यह लड़ाई अब और भी गंदी और खतरनाक
हो गई है। आप आज भी वही खड़े हैं जहां 14 साल पहले 2002 में खड़े थे।'
शांतनु ने लिखा है कि "हम सभी हमेशा आपके साथ खड़े रहेंगे। हमारे परिवार
में सभी एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और एक दूसरे की इज्जत भी करते
हैं।
और अंत में मैं आपको इस बात के लिए बधाई भी देना चाहूंगा कि आपको इस
विद्वेषपूर्ण सरकार से आजादी मिल गई जो हमेशा उसे तोड़ने का प्रयास करती
रही है जो उसके खिलाफ अपनी आवाज उठाता है।
ये आपके जीवन का नया अध्याय है।
मैं आपको ढेर सारी बधाई देता हूं और एक परिवार की तरह हमेशा आपके साथ हूं।
आप के हर निर्णय का हम सभी समर्थन करेंगे।'
संजीव ने भी लिखी कविता
मेरे पास सिद्धांत हैं और कोई सत्ता नहीं
तुम्हारे पास सत्ता है और कोई सिद्धांत नहीं
तुम्हारे तुम होने
और मेरे मैं होने के कारण
समझौते का सवाल ही नहीं उठता
इसलिए लड़ाई शुरू होने दो ...
मेरे पास सत्य है और ताकत नहीं
तुम्हारे पास ताकत है और कोई सत्य नहीं
तुम्हारे तुम होने
और मेरे मैं होने के कारण
समझौते का सवाल ही नहीं उठता
इसलिए शुरू होने दो लड़ाई ...
तुम मेरी खोपड़ी पर भले ही बजा दो डंडा
मैं लड़ूंगा
तुम मेरी हड्डियां चूर-चूर कर डालो
फिर भी मैं लड़ूंगा
तुम मुझे भले ही जिंदा दफन कर डालो
मैं लड़ूंगा
सच्चाई मेरे अंदर दौड़ रही है इसलिए
मैं लड़ूंगा
अपनी अंतिम दम तोड़ती सांस के साथ भी
मैं लड़ूंगा ...
मैं तब तक लड़ूंगा, जब तक
झूठ से बनाया तुम्हारा किला
ढह कर गिर नहीं जाता
जब तक जो शैतान तुमने अपने झूठों से पूजा है
वह सच के मेरे फरिश्ते के सामने घुटने नहीं टेक देता
यहां अंग्रेजी में पढ़े संजीव की कविता:
I have principle and no powerYou have power and no principleYou being youAnd I being ICompromise is out of the...
Posted by Sanjiv Bhatt on Wednesday, August 19, 2015
(सभी तस्वीरें सोशल मीडिया से साभार)