मोदी के प्रचार में करोड़ों खर्च पर सुबूत नहीं: चिदंबरम
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नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान के खर्चे को लेकर भले ही कांग्रेस के बड़े नेता और मंत्री पांच हजार करोड़ से लेकर दस हजार करोड़ रुपये के दावे कर रहे हों लेकिन देश के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के पास इसके कोई सुबूत नहीं हैं।
चिदंबरम ने खुद इस बात को माना है। उन्होंने सफाई दी कि राजनीतिक अनुभव और मोदी के प्रचार अभियान को देखकर ऐसा लगता है कि इतनी राशि खर्च हुई है। हालांकि इसे साबित करने के लिए फिलहाल उनके पास कोई ठोस सुबूत नहीं है।
'औसत राज्य की सीएम हैं मोदी'
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा मोदी के प्रचार अभियान में दस हजार करोड़ रुपये खर्च होने का दावा कर चुके हैं, जबकि कानून मंत्री कपिल सिब्बल मोदी का चुनावी खर्च पांच हजार करोड़ रुपये बताते रहे हैं।
चिदंबरम ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें यह खर्च सात हजार करोड़ रुपये का लगता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अनुभव रखने वाला किसी चुनावी रैली में जाने के बाद इस बात का अनुमान लगा सकता है कि कितने पैसे खर्च हुए होंगे।
चिदंबरम से पूछा गया था कि नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार अभियान में भारी मात्रा में पैसे खर्च होने के कांग्रेस के आरोपों की सरकार क्या कोई जांच करवा रही है। चिदंबरम ने आंकड़ों के आधार पर गुजरात के विकास मॉडल को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि मोदी एक औसत राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
काले धन पर जानकारी लेने की कोशिश
चिदंबरम ने कहा है कि विशेष खातों में जमा काले धन के संबंध में भारत और स्विट्जरलैंड सूचनाओं के आदान-प्रदान के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं। स्विट्जरलैंड की वित्त मंत्री की ओर से उनके पत्र का जवाब एक सप्ताह पहले ही मिला है और अगले कुछ दिनों में वह उसका जबाव भेजने वाले हैं।
चिदंबरम में यहां पत्रकारों से कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के वित्त मंत्री इस पर चर्चा कर रहे हैं कि खाता विशेष में जमा काले धन के बारे में किस तरह से सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड की वित्त मंत्री ने कुछ मुद्दों पर अपने सरकार के रुख का बचाव किया है। वहां की वित्त मंत्री के उत्तर का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया जा रहा है।