गांव नहीं पहुंचा निर्भया का दोषी, पीपली लाइव जैसा नजारा
तीन साल बाद एक बार फिर बदायूं के थाना इस्लामनगर का एक गांव सुर्खियों में है। निर्भया कांड के नाबालिग दोषी की रिहाई के बाद गांव पहुंचने की संभावना पर रविवार को दिन भर यहां देश भर का मीडिया जुटा रहा। देर शाम तक दोषी गांव नहीं पहुंचा।
उसके यहां आने की संभावनाओं के बीच गांव में पुलिस दिन भर मुस्तैद रही। अति पिछड़े इस गांव में नजारा पीपली लाइव जैसा नजर आया। टीवी चैनलों की ओवी वैन धूल उड़ाती गांव की ओर आती रहीं।
उधर, निर्भया के साथ सबसे ज्यादा दरिंदगी करने वाले इस दोषी को लेकर उसके परिवार और गांव वालों की राय अलग-अलग है। परिवार और उसके समाज के लोग चाहते हैं कि वह आकर गांव में ही रहे, जबकि अन्य लोग उसे गांव में रखने के खिलाफ हैं।
गांव नहीं आया निर्भया का दोषी
तीन साल पहले दिल्ली के वसंत बिहार इलाके में चलती बस में युवती के साथ गैंगरेप हुआ था। दरिंदगी की हदें पार करने वाली इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। आरोपियों में एक नाबालिग इस्लामनगर से पांच किमी दूर एक गांव का था।
जुवेनाइल कोर्ट ने दोषी साबित होने पर उसे तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया था। रविवार को उसकी रिहाई हो गई। बाल सुधार गृह से छूटने के बाद उसके अपने गांव पहुंचने की संभावनाओं पर बिसौली रोड स्थित इस गांव में सुबह सात बजे से ही न्यूज चैनल की ओवी वैन और मीडिया से जुड़े लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था।
लग्जरी गाडिय़ों के काफिले पहुंचने का क्रम रविवार दोपहर तक जारी रहा। इससे पहले जिले में कुछ ऐसा ही नजारा कटरा सआदतगंज में दो बहनों की पेड़ पर लटके हुए शव मिलने के बाद नजर आया था। इस दौरान एसओ सीपी सिंह भी फोर्स के साथ सुबह से ही गांव में जमे रहे।
देश भर का मीडिया जुटा
छह भाई-बहनों के परिवार में दोषी सबसे बड़ा है। आठ साल की उम्र में ही वह दिल्ली चला गया था। दो छोटी बहनें और तीन भाइयों के साथ बीमार मां को दोषी का इंतजार है।
परिवार वालों का कहना है कि अगर वह घर आता है, तो संग रहकर खेती-मजूदरी करेगा। हालांकि, उसका पिता मंदबुद्धि है। सो परिवार की उम्मीद उससे अधिक जुड़ी इुई है लेकिन गांव के अन्य लोग उसके यहां आने के खिलाफ हैं। हालांकि कैमरे के आगे आकर ये लोग यह कहने से बचते हैं।
-कोट-
निर्भया के दोषी के गांव आने संबंधी कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। हम मीडिया रिपोर्ट के आधार पर एहतियात बरत रहे हैं। गांव में पुलिस तैनात की गई है। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- सौमित्र यादव, एसएसपी
अगर उसका चाल-चलन ठीक रहता है तो गांव में रह सकता है, अगर नहीं तो गांव वाले तय करेंगे आगे क्या करना है।
-सविता देवी, प्रधान