अनोखा विवाह: बेटी की शादी में अंगदान
गुजरात के वडोदरा में हुई एक शादी में मानवीयता की एक अनूठी पहल देखने को मिली है। यहां रविवार को हुई शादी में मेहमानों ने कोई खास तोहफा देने की बजाए रक्तदान और अंगदान किया।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, वडोदरा में एक डॉक्टर आर बी भेसानिया ने अपनी बेटी की शादी की। इस शादी में आए मेहमानों में से 370 लोगों ने रक्तदान किया और मरणोंपरांत अंगदान करने की शपथ ली।
बताया जाता है कि शादी में आने वाले मेहमानों को डॉ. भेसानिया ने पहले ही आगाह कर दिया था कि उन्हें यहां आकर रक्तदान करना होगा और अंगदान के लिए भी आगे आना होगा।
मेहमान जब शादी में पहुंचे तो पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार मेहमानों को अंगदान की शपथ दिलाई गई और रक्तदान के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरुक किया गया।
डॉ. भेसानिया अपनी पूरी जिंदगी में लोगों को रक्तदान अंगदान की वकालत करते रहे हैं और इसके लिए उन्होंने लगातार अभियान भी चलाया है। डॉ. भेसानिया अपनी इस अनूठी पहल में शादी में देने वाले दहेज को लेकर भी खास शर्त रखी थी।
दूल्हा-दुल्हन ने भी ली अंगदान की शपथ
रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर भेसानिया ने अपनी बेटी और दामाद को कोई कीमती वस्तु दान में न देने का संकल्प किया था। इसके साथ ही उन्होंने शादी के दौरान ही बेटी और दामाद को रक्तदान व अंगदान की शपथ भी दिलाई और कहा कि उनके लिए शादी का सबसे अच्छा उपहार यही होगा।
डॉ. भेसानिया के इस काम में मदद करने व आपसी भाईचारा की मिशाल देने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी रक्तदान किया। गौरतलब है कि इससे पहले उन्होने अपने बेटे सिद्धार्थ भेसानिया की शादी 2011 में की थी। उस शादी में भी उन्होंने मेहमानों से रक्तदान कराया था।
डॉ. भेसानिया की इस मानवीय सोच और मेहनत ने कई रिकार्ड भी कायम किए हैं। उन्हें सबसे ज्यादा रक्तदान शिविर आयोजित कराने लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिमका बुक रिकॉर्ड का खिताब भी मिल चुका है।