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जीएसटी पर माया-ममता-पवार के साथ के बाद कांग्रेस भी नरम

Fri, 27 Nov 2015 06:10 AM IST
Updated Fri, 27 Nov 2015 06:10 AM IST
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GST can be passed in Parliament

संसद के शीतकालीन सत्र में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिल पारित होने की प्रबल संभावना है। केंद्र सरकार का दावा है कि 32 में से 30 राजनीतिक पार्टियां जीएसटी बिल का समर्थन कर रही हैं। दूसरी तरफ, बीएसपी, टीएमएसी, एनसीपी और जदयू जैसी पार्टियों के जीएसटी बिल के समर्थन में उतरने के बाद कांग्रेस पर भी दबाव बढ़ गया है। लिहाजा, कांग्रेस के भी तेवर नरम पड़ते दिख रहे हैं। विपक्षी दलों के बदलते रुख को देखते हुए जीएसटी बिल के इस सत्र में पारित होने की प्रबल संभावना बन गई है।

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राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा है कि जीएसटी बिल को लेकर सरकार ने उनसे संपर्क किया है। हमने सरकार को ठोस औपचारिक प्रस्ताव लाने को कहा है। अगर सरकार उन्हें यह प्रस्ताव देती है तो हम पर उस पर विचार कर सकते हैं। जीएसटी बिल के मुद्दे पर कांग्रेस अभी तक अपनी बात पर अड़ी हुई थी। मगर पार्टी अब सरकार को नया प्रस्ताव लाने को कहने के साथ ही इस पर विचार करने की बात कह रही है। बृहस्पतिवार को मायावती ने जीएसटी बिल का समर्थन किया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सरकार ने उन्हें भरोसा दिया है कि यह देश हित में है। इसलिए हम इसका समर्थन करेंगे।
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तृणमूल कांग्रेस ने भी जीएसटी का समर्थन करने के संकेत दिए हैं। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि जीएसटी को उनकी पार्टी का समर्थन है। जदयू ने भी जीएसटी बिल पर समर्थन जताया है। सपा पहले से ही इसके समर्थन में है। ऐसे में कांग्रेस अलग-थलग पड़ गई है। साथ ही पार्टी पर दबाव भी बढ़ गया है। वामदल इस बिल के विरोध में है। अन्नाद्रमुक भी जीएसटी बिल के विरोध में है। मगर इसके विरोध में ज्यादा दूर जाने के पक्ष में नहीं है।

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प्रस्ताव सामने आने पर कांग्रेस करेगी विचार

GST can be passed in Parliament

दूसरी तरफ सरकार के रणनीतिकार जीएसटी बिल को लेकर विपक्ष के सभी नेताओं से संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विपक्ष से सहयोग के लिए लगातार अपील कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस पर इसे पारित कराने का दबाव बन गया है। ज्यादातर विपक्षी पार्टियों के समर्थन में उतरने को लेकर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा है कि यह अच्छी बात है। जीएसटी बिल हम ही लाए थे। हमसे भी सरकार ने संपर्क किया है। प्रस्ताव सामने आने के बाद पार्टी इस पर विचार करेगी।

जीएसटी बिल की अग्निपरीक्षा राज्यसभा में होनी है। राज्यसभा में असहिष्णुता और दलितों के आरक्षण पर संघ प्रमुख के बयान को लेकर विपक्ष हंगामा करने के लिए तैयार बैठा है। राज्यसभा में शुक्रवार और अगले हफ्ते सोमवार को संविधान दिवस पर अंबेडकर के योगदान को लेकर चर्चा होनी है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि मंगलवार को इन मुद्दों पर हंगामा किया जाएगा।

ऐसे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर हंगामा कई दिनों तक चलता है और सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिलता तो संसद सत्र हंगामे में धुल सकता है। जिससे जीएसटी बिल मुश्किल में पड़ सकता है।

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