फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Greenpeace activist Priya Pillai not allowed to board flight to London from Delhi Airport

'ग्रीनपीस' कार्यकर्ता को एयरपोर्ट पर लंदन जाने से रोका

Mon, 12 Jan 2015 03:20 PM IST
Updated Mon, 12 Jan 2015 03:20 PM IST
विज्ञापन
Greenpeace activist Priya Pillai not allowed to board flight to London from Delhi Airport

ग्रीनपीस इंडिया की एक कार्यकर्ता को रविवार को आव्रजन अधिकारियों ने लंदन की उड़ान में सवार होने से रोक दिया।

विज्ञापन


इस मामले के बाद पर्यावरण संगठन ने सरकार पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कार्यकर्ता को लुकआउट सर्कुलर जारी होने के कारण देश छोड़ने से रोका गया।

ग्रीनपीस इंडिया ने दावा किया है कि उसकी वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई को उचित दस्तावेज होने के बावजूद विमान में सवार नहीं होने दिया गया। प्रिया को 14 जनवरी को वन समुदायों के अधिकारियों के उल्लंघन पर ब्रिटिश सांसदों को संबोधित करना था।
विज्ञापन


संगठन द्वारा जारी एक बयान में प्रिया ने कहा है कि मैं हैरान और दुखी हूं। रविवार को मेरी कहीं भी आने जाने की स्वतंत्रता का हनन हुआ और मेरे साथ अपराधी जैसा व्यवहार करने की कोशिश की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

'कार्यकर्ता के खिलाफ जारी है लुकआउट सर्कुलर'

Greenpeace activist Priya Pillai not allowed to board flight to London from Delhi Airport

बयान में कहा गया कि ब्रिटिश सांसदों ने उन्हें मध्य प्रदेश के माहन में स्थानीय समुदायों के साथ उनके अभियान के बारे में बात करने के लिए बुलाया था, जहां प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना से वन और इसमें रहने वालों के लिए जीवन पर खतरा पैदा हो गया है।

बयान में दावा किया गया कि प्रिया को हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि उनके भारत से बाहर जाने पर पाबंदी है। हालांकि वह किसी मामले में दोषी तक नहीं हैं। उनके पासपोर्ट पर ऑफलोड शब्द के साथ स्टांप लगाया गया।

इस बारे में गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि प्रिया के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी है।

प्रिया का कहना है कि उनके पास ब्रिटेन की यात्रा करने के लिए बिजनेस वीजा है जोकि अगले छह महीने के लिए वैध है। उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने उन्हें विमान में सवार होने से रोकने की वजह नहीं बताई।

उन्होंने कहा कि एक बार माहन समुदाय के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य लोगों के साथ उनके खिलाफ अतिक्रमण का मामला दर्ज हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed