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एकजुट विपक्ष का हमला झेलेगी सरकार

Tue, 02 Apr 2013 11:42 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 02 Apr 2013 11:42 PM IST
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govt will face attack of united opposition in budget session

टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने पीएम और वित्त मंत्री की पेशी के मुद्दे पर सरकार को एक बार फिर एकजुट विपक्ष के हमले का सामना करना पड़ेगा।

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भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की ओर से नए सिरे से शुरू की गई इस मुहिम को न केवल वाम दलों का साथ मिला है, बल्कि बीजद, जद (यू) और एआईएडीएमके भी इस मांग के पक्ष में खड़ी हो गई हैं।
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यूपीए से बिगड़े समीकरण के बाद डीएमके, सपा और तृणमूल कांग्रेस के भी इस मुद्दे पर सिन्हा के साथ आने की संभावना बनती दिख रही है।

गौरतलब है कि सिन्हा ने जेपीसी के समक्ष पीएम और वित्त मंत्री के साथ-साथ पूर्व दूरसंचार मंत्री की पेशी की मांग की है। साथ ही उन्होंने बीते दो महीने से बैठक नहीं होने को भी मुद्दा बनाया है।
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जेपीसी के सदस्य और भाकपा के वरिष्ठ नेता गुरुदास दासगुप्ता, बीजद के अर्जुन चरण सेठी और एआईएडीएमके के एम. थंबीदुरई ने कहा है कि हमारी शुरू से मांग रही है कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को समिति के समक्ष पेश होना चाहिए। अब जबकि राजा ने फिर दुहराया है कि नीलामी संबंधी सभी प्रक्रियाओं की जानकारी उन्होंने पीएम को दी थी, तब उनका समिति के समक्ष पेश न होना समझ में नहीं आता। इन नेताओं ने भी समिति की बैठक जल्द बुलाने की मांग की है।


नए सिरे से शुरू हुई प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को समिति के समक्ष बुलाने की मुहिम में फिलहाल सबकी नजरें डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और सपा पर टिकी हैं। इनमें से सरकार का हिस्सा रही तृणमूल और डीएमके यूपीए से नाता तोड़ चुकी हैं तो बाहर से समर्थन देने वाली सपा का रुख भी सरकार के खिलाफ हमलावर है। माना जा रहा है कि जल्द ही तृणमूल और डीएमके भी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को जेपीसी के समक्ष पेश करने की मांग करेंगी।

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