भूमि अधिग्रहण विधेयक के लिए संयुक्त सत्र बुला सकती है सरकार
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अगर भूमि अधिग्रहण विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी नहीं मिलती है तो सरकार संसद का संयुक्त सत्र बुला सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगले चरण के सुधार और विकास दर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विधेयक के प्रावधान बेहद महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका दौरे पर आए वित्त मंत्री ने हालांकि आशा जताई कि सरकार को ऐसी स्थिति में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मामले को सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जहां तक संवैधानिक तंत्र का सवाल है तो इस सरकार के पास संख्या बल है। इसलिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहेगी कि इस महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी मिले।
संयुक्त सत्र का नहीं किया खुलासा
संयुक्त सत्र के लिए किसी तारीख के बारे में खुलासा करने से इनकार करते हुए जेटली ने आशा जताई कि कई अहम बदलाव के बाद विधेयक को राज्यसभा से मंजूरी मिल जाएगी।
राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाता है तो भाजपा और उसके सहयोगियों के पास विधेयक पर संसद की मुहर लगवाने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।
स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर इकनॉमिक पॉलिसी रिसर्च की ओर से ‘भारत का आर्थिक भविष्य’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में जेटली ने कहा कि वह आश्वस्त करना चाहते हैं कि भारत में यह अहम सुधार लागू होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में बने भूमि अधिग्रहण कानून ने ग्रामीण भारत के विकास में बाधा पैदा की।