नमामि गंगे को हिट करने में जुटी सरकार, जुड़ेंगे ये नामचीन चेहरे
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अभिनेता अमिताभ बच्चन, धर्मगुरू श्रीश्री रविशंकर और उधोगपति रतन टाटा सरीखे नामचीन चेहरे जल्द ही नमामि गंगे अभियान के तहत देश के आम आदमी से गंगा को स्वच्छ रखने की अपील करते नजर आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नमामि गंगे अभियान से आम आदमी को जोड़ने के प्रयास में जलसंसाधन एवं गंगा पुनर्रोद्धार मंत्रालय देश के तमाम नामचीन चेहरों को अभियान से जोड़ने की कवायद में जुटा है। सूत्र बताते हैं कि मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने 15 नामचीन चेहरों का चयन कर उनसे प्रारंभिक चर्चा शुरू कर दी है।
इन चेहरों में अमिताभ बच्चन, रविशंकर और रतन टाटा के नाम प्रमुखता से हैं। यदि मंत्रालय की कवायद परवान चढ़ी तो महानायक अमिताभ बच्चन उत्तर प्रदेश में किसी गंगा घाट पर चलते हुए आम ग्रामीणें के बीच उन्हें गंगा स्वच्छता के गूर सीखाते नजर आएंगे। इसके अलावा मीड़िया के जरिए भी वे गंगा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। हाल ही में भारत सरकार ने उन्हें अपने अतुल्य भारत अभियान से भी जोड़ा है। इसी तरह अन्य नामचीन चेहरों को भी अभियान से जोड़कर उन्हें जनता के बीच उतारने की योजना है।
बताया जा रहा है कि स्वच्छ भारत अभियान की तरह नमामि गंगे अभियान से भी नामचीन चेहरों को जोड़ने का सुझाव खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही गंगा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को सुझाया है। ताकि अभियान को लोकप्रिय बनाकर उसमें आम जनता की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
ग्रामीण इलाकों में नमामि गंगे को असरदार बनाएगी सरकार
दरअसल नमामि गंगे अभियान के शुरू होने के डेढ़ साल बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि आम जनता को भागीदार बनाए बिना उसका अभियान परवान नहीं चढ़ सकता है। इसीलिए उसकी कोशिश आम जनता को अभियान से जोड़ने और उनमें गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने की है।
इस प्रयास में सरकार ने शहरी इलाकों से हटकर अपना ध्यान गांवों की ओर भी बढ़ाया है। शनिवार 30 जनवरी को गंगा किनारे वाले राज्यों के ग्राम प्रधानों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है। ताकि गांवों को गंगा स्वच्छता अभियान में भागीदार बनाया जा सके।
गंगा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पहले से ही गंगा अभियान में शहरी विकास मंत्रालय, पर्यावरण और युवा मामलों के मंत्रालय को जोड़ रखा है। लेकिन अब ग्रामीण इलाकों में अभियान को व्यापकता प्रदान करने के लिए उसने अपने 7 मंत्रालयों को इस अभियान से जोड़ने की योजना बनाई है।
ये सात मंत्रालय होंगे नमामि गंगे का हिस्सा
शनिवार को नमागि गंगे अभियान में मानव संसाधन विकास, ग्रामीण विकास, कृषि, आयुष, जहाजरानी, सड़क परिवहन और पर्यटन मंत्रालय भी समझौता कर गंगा स्वच्छता में भागीदार बन जाएंगे।
मानव संसाधन मंत्रालय के तहत चलने वाले उन्नत अभियान के तहत देश के सभी आईआईटी और एनआईआईटी गंगा किनारे बसे 5-5 गांवों को गोद लेकर उनका विकास करेंगे। उसी तरह कृषि मंत्रालय गंगा किनारे बसे गांवों में कम्पोस्ट खाद्य को बढ़ावा देगा। तो इन गांवों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय इनके प्लास्टिक उत्पादों की रिसाईक्लींग कर सड़क निर्माण में उसका उपयोग बढ़ाएगा।
आयुष मंत्रालय जड़ी-बूटी वाले पौधे लगाने के लिए गांवों को प्रेरित करेगा। तो मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय गांवों में स्नान घाट और शव घाट का निमार्ण करेगा। जहाजरानी मंत्रालय गंगा की तलहट्टी की सफाई के साथ-साथ उसमें नौका और इलाहाबाद तक छोटे जहाज चलाने का कार्य करेगा। पर्यटन मंत्रालय के जिम्मे इन गांवों में पर्यटन बढ़ाने का काम है।