गंदगी फैलाने वालों पर कसेगा कानून का शिकंजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को समर्थन देने के लिए सरकार एक कानून का मसौदा तैयार कर रही है।
इस कानून के तहत नगरपालिकाएं सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों (थूकने, कचरा फेंकने और पेशाब करने वालों) को दंडित कर सकती हैं।
कानून मंत्रालय का विधायी विभाग एक मॉडल कानून को अंतिम रूप दे रहा है, जिसे राज्य अपनी जरूरतों के अनुसार अपनाएंगे।
मॉडल कानून का मसौदा तैयार करने का निर्णय कानून मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग के यह कहने पर लिया गया कि इस विषय पर केंद्रीय कानून लागू करने में कठिनाइयां आएंगी।
राज्य कानून में कर सकेंगे संशोधन
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘संविधान में साफ-सफाई और इससे जुड़े मसलों को राज्यों की सूची में रखा गया है। इसलिए, एक केंद्रीय कानून इसके लिए नहीं हो सकता। हालांकि, स्वच्छता का मामला राज्यों की सीमा से बंधा हुआ नहीं है।
इस प्रकार, सरकार एक मॉडल कानून की योजना बना रही है जिसे राज्य अपनी जरूरत के हिसाब से संशोधित कर लागू कर सकते हैं।’सरकार का मानना है कि स्वच्छता के लिए स्व-नियमन ही काफी नहीं है और स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एक कानून बनने से मदद मिलेगी।
सजा, जुर्माना और कानून को लागू करने जैसे मुद्दों पर ट्रैफिक चालान की तर्ज पर काम किया जा रहा है ताकि कानून का उल्लंघन करने वालों को तत्काल पकड़ा जा सके।