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देश के 40 हजार जवान देंगे चीन को चुनौती

Sat, 01 Jun 2013 05:30 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 01 Jun 2013 05:30 PM IST
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govt set to clear 40,000 strong force along china border

भारत-चीन सीमा पर सेना की मौजूदगी बढ़ाने पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी जल्द ही मंजूरी दे सकती है। इसके तहत सीमा पर माउंटेन स्ट्राइक कोर गठन का प्रस्ताव किया गया है।

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माउंटेन कोर स्ट्राइक में 40,000 से अधिक जवान होंगे। इसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में होगा।

सूत्रों के अनुसार माउंटेन स्ट्राइक कोर की सहमति से पहले रक्षा मंत्रालय वित्त मंत्रालय की तरफ से उठाए गए कई सवालों पर स्पष्टीकरण दे चुका है।

पूर्वोत्तर सीमा के प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय अब वित्त मंत्रालय से किसी और सवाल की उम्मीद नहीं कर रहा है।

बढ़ेगी आक्रामक क्षमता
अगर कोर स्ट्राइक को मंजूरी मिल जाती है तो भारत के पास पहली बार तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में किसी भी तरह के चीनी हमले का आक्रामक जवाब देने की क्षमता होगी। कोर के पास रैपिड ऐक्शन के लिए दो हाइ-ऐटिट्यूड डिविजन होंगी।
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62,000 करोड़ होंगे खर्च
12वीं योजना (2012-17) में स्ट्राइक कोर के गठन पर 62,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

साथ ही चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर ऑपरेशनल गैप और आक्रामक क्षमता को बढ़ाने के लिए सेना की ओर से माउंटेन स्ट्राइक कोर, दो इंडिपेंडेंट इन्फेंट्री ब्रिगेड्स और दो आर्मर्ड ब्रिगेड के गठन का प्रस्ताव दिया गया है।
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इस पूरी प्रक्रिया में 12वीं योजना के अंतर्गत 81,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

पहले से ही भारत की असम के लेखापानी और मिस्सामारी में इन्फेंट्री डिविजन भी है। अरूणाचल प्रदेश की रक्षा हेतु 2009-10 में इन्हें बनाया गया था।

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