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यूपी के राजकीय स्कूलों में मिलेगी उर्दू की तालीम
आगरा/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Oct 2012 11:25 AM IST
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उत्तर प्रदेश में उर्दू विषय व भाषा का विस्तार होने जा रहा है। अब विद्यार्थी यूपी बोर्ड के राजकीय हाईस्कूलों में भी उर्दू की तालीम हासिल कर सकेंगे। उर्दू शिक्षकों की भर्ती के लिए सभी राजकीय स्कूलों से शिक्षकों की जरूरत पूछी गई है।
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राजकीय स्कूलों में उर्दू की पढ़ाई के संबंध में माध्यमिक शिक्षा सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि उर्दू भाषा के उन्नयन के लिए सरकार ने राजकीय स्कूलों में एक विषय व भाषा के रूप में उर्दू पढ़ाने की व्यवस्था की है। मंडल में करीब 19 राजकीय हाईस्कूल हैं। यह सारे विद्यालय राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत उच्चीकृत किए गए हैं। पुराने राजकीय विद्यालय उच्चीकृत होकर इंटरमीडिएट तक संचालित हो रहे हैं। शासनादेश में केवल हाईस्कूल स्तर तक के विद्यालयों में उर्दू की पढ़ाई कराने की बात कही गई है।
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मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. मुकेश अग्रवाल ने कहा कि शासनादेश के अनुपालन में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र निर्गत कर दिया गया है। सभी से राजकीय हाईस्कूलों में उर्दू शिक्षकों की आवश्यकता की जानकारी मांगी गई है। राजकीय स्कूलों में उर्दू की पढ़ाई से बच्चों को लाभ मिलेगा साथ ही उर्दू प्रशिक्षितों को रोजगार के मौके मिलेंगे।
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वहीं, ऑल इंडिया दीनी मदारिस बोर्ड के प्रदेश महामंत्री मौलाना मोहम्मद उजेर आलम ने कहा कि तालीम की व्यवस्था न होने से उर्दू भाषा की ओर रुझान कम हो रहा है। सरकारों के ध्यान न देने से उर्दू की दशा खराब है। वर्तमान प्रदेश सरकार से काफी उम्मीद है। राजकीय हाईस्कूल में उर्दू पढ़ाने की व्यवस्था सराहनीय कदम है। वर्तमान में जनपद में करीब 25 मदरसों में ही हाईस्कूल स्तर तक की तालीम विद्यार्थियों को दी जा रही है। प्राइमरी स्तर की शिक्षा के बाद बच्चे आगे नहीं पढ़ पाते।