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यूपीएससी के सिर से उतरा अंग्रेजी का भूत

Thu, 21 Mar 2013 11:29 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 21 Mar 2013 11:29 PM IST
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govt rolls back changes to upsc mains exam

नए पाठ्यक्रम को लेकर विपक्ष के भारी विरोध के सामने झुकते हुए सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की मुख्य परीक्षा में फिर से पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है।

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यूपीएससी की विवादास्पद अधिसूचना में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने 100 अंक के अंग्रेजी निबंध पेपर की नई व्यवस्था को खत्म कर दिया है।

छात्र अब पुरानी व्यवस्था की तरह संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल क्षेत्रीय भाषाओं में से किसी एक भाषा में परीक्षा दे सकेंगे। साथ ही स्नातक स्तर पर अपनाई गई भाषा में ही परीक्षा देने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है।
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पहले की तरह ही मुख्य परीक्षा में आधुनिक भारतीय भाषा और अंग्रेजी में तीन सौ अंकों वाले दो अलग-अलग पेपर की व्यवस्था को फिर से बहाल कर दिया गया है।
 
कार्मिक राज्यमंत्री वी. नारायणसामी बृहस्पतिवार को लोकसभा और राज्यसभा में यूपीएससी की अधिसूचना में बड़े फेरबदल की जानकारी दी। उस समय दोनों सदन शोर-शराबे में डूबा था।
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हंगामे और नारेबाजी के बीच ने कहा कि सरकार ने 15 मार्च को सदन में विवादास्पद अधिसूचना की समीक्षा का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने फैसला किया है कि यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में पुरानी व्यवस्था ही बहाल रहेगी।


मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी में 100 अंकों के निबंध पेपर को अनिवार्य बनाने संबंधी फैसले को वापस ले लिया गया है। इसके अलावा स्नातक के दौरान पढ़ाई के लिए अपनाई गई भाषा के माध्यम से ही परीक्षा देने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। अधिसूचना में बदलाव करते हुए किसी एक क्षेत्रीय भाषा के लिए कम से कम 25 उम्मीदवारों की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है।

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