फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   govt plans another auction of 2g spectrum by march

बचे स्पेक्ट्रम की नीलामी मार्च तक

Fri, 16 Nov 2012 11:34 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 16 Nov 2012 11:34 PM IST
विज्ञापन
govt plans another auction of 2g spectrum by march

टूजी स्पेक्ट्रम की नीलामी फ्लॉप होने के बाद सरकार अब बचे स्पेक्ट्रम की मार्च तक दोबारा नीलामी करने की तैयारी कर रही है। केंद्र ने साथ ही नीलामी फ्लॉप होने पर इशारों में ही कैग द्वारा अनुमानित 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आकलन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन


दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को यहां कहा कि देश के टेलीकॉम सेक्टर की कहानी अब ऐसी सुहावनी नहीं रह गई है जिसे हम पूरी दुनिया को सुना सकें। लोग मुझसे इस बारे में पूछेंगे कि क्या हुआ और सही बताऊं तो इसके बारे में मेरे पास कोई जवाब नहीं है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कीमतों के मामले को लेकर सनसनी जैसी स्थिति खड़ी की गई। उसका परिणाम आज सामने है। सरकार ने इसके अलावा विपक्ष के इस आरोप का भी खंडन किया है कि वह 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के फ्लॉप होने का जश्न मना रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिब्बल ने कहा कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों का समूह जल्द ही बैठक करेगा। इसके तहत बचे हुए स्पेक्ट्रम की नीलामी की तिथि और बेस प्राइस पर फैसला किया जाएगा। बैठक में बचे स्पेक्ट्रम की नीलामी मार्च तक करने का फैसला किया जा सकता है।

बुधवार को खत्म हुई 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार केवल 9407 करोड़ रुपये जुटा पाई है, जबकि उसे जीएसम ऑपरेटर से 28 हजार करोड़ रुपये और सीडीएमए ऑपरेटर से 12 हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद थी।

स्पेक्ट्रम की नीलामी में कंपनियों की बेरुखी का यह हाल था कि सीडीएमए सेवाओं के लिए किसी कंपनी ने बोली में भाग ही नहीं लिया। जबकि जीएसएम सेवाओं के लिए केवल पांच कंपनियों ने भाग लिया था। उसमें से किसी ने भी पूरे देश में लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया।

इस वजह से सरकार द्वारा 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य पीछे रह गया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने साल 2008 में तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए. राजा के समय दिए गए 122 लाइसेंस फरवरी 2012 में निरस्त कर दिए थे। जिसके बाद केंद्र सरकार 2जी स्पेक्ट्रम की नई सिरे से नीलामी कर रही है। इस नीलामी के लिए सरकार ने पांच मेगा र्ह्ट्ज के लिए पूरे देश में लाइसेंस के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का बेस प्राइस रखा था।


गार पर दिशानिर्देश जल्द:-
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शोम समिति द्वारा रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स पर गार के संबंध में दी गई सिफारिशों पर अगले 7-10 दिनों में दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed