याकूब की खबरों पर केंद्र ने भेजा 3 चैनलों को नोटिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई बम धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी की सजा के फैसले और अदालत कार्रवाई की 'आपत्तिजनक' कवरेज करने के आरोप में नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन टीवी चैनलों को नोटिस भेजा है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से एबीपी न्यूज, एनडीटीवी 24×7 और आज तक को भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इन्होंने 1993 के बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी के दिन ऐसे कार्यक्रमों का प्रसारण किया, जिससे न्यायालय और राष्ट्रपति के प्रति असम्मान दिखा। वहीं इस पूरे मामले में ब्राडकॉस्ट एडिटर्स एसोसिएशन ने भी चैनलों को नोटिस भेजा है।
सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने पहली बार मोदी सरकार ने टीवी चैनलों का ऐसा नोटिस भेजा है। याकूब मेमन को 30 जुलाई को नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी पर लटका दिया गया।
जवाब देने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया
कारण बताओ नोटिस में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने चैनलों से कहा है कि वे बताएं कि उनके खिलाफ ऐसे कार्यक्रम दिखाने पर कार्रवाई क्यों न की जाए? चैनलों को 15 दिन का वक्त दिया गया है।
मोदी सरकार ने जिन कार्यक्रमों पर आपत्ति जहिर की है, उनमें एबीपी न्यूज और आज तक पर दिखाया गया छोटा शकील का फोन-इन- इंटरव्यू और एनडीटीवी पर प्रसारित याकूब मेमन के वकील का इंटरव्यू शामिल है।
फोन पर दिए अपने इंटरव्यू में छोटा शकील ने याकूब मेमन को निर्दोष बताया था। उसने याकूब की दया याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक दिन में खारिज किए जाने पर भी सवाल उठाया था। उसने कहा था कि याकूब के साथ न्याय नहीं किया गया, और उसे कोर्ट पर तनिक भी भरोसा नहीं है।
अब तक तीन बार हो चुकी है चैनलों पर कार्रवाई
एनडीटीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में याकूब मेमन के वकील ने फांसी की सजा पर ही सवाल उठाया था, और कहा था कि कई मुल्कों ने मृत्यु दंड देना बंद कर दिया है। याकूब मेमन की फांसी 30 जुलाई को सुबह सात बजे फांसी दी गई थी, हालांकि उससे पहले उसकी सजा को रोकने के कई अदालती प्रयास हुए।
अप्रत्याशित ढंग से फांसी से चंद घंटों पहले वकीलों के एक समूह ने सजा पर स्टे लगवाने के लिए याचिका दाखिल की। आधी रात को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और याचिका खारिज कर दी गई।
उससे पहले भी याकूब मेमन ने रिव्यू पेटिशन और क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल की, राष्ट्रपति और राज्यपाल के पास दया याचिका भी भेजी गई। केंद्र सरकार अब तक कम से कम तीन बार विभिन्न मामलों में चैनलों का प्रसारण रुकवा चुकी है। एडल्ट कंटेट दिखाने के कारण एनडीटीवी गुड टाइम्स और टीएलसी का प्रसारण एक दिन के लिए रोका गया, जबकि भारत का गलत नक्शा दिखाने के कारण अल-जजीरा का प्रसारण पांच दिन रोका जा चुका है।