'राम मंदिर के लिए विवादित स्थल का अधिग्रहण करे सरकार'
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अयोध्या में राम मंदिर बनाने पर जोर देते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि सरकार को इसके लिए विवादित स्थल का अधिग्रहण करना चाहिए। इसके लिए 1992 में बाबरी मस्जिद को हिंदूवादी ताकतों ने 1992 में ध्वस्त कर दिया था।
भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने विहिप के वरिष्ठ नेता अशोक सिंहल के साथ संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा ने 2014 में अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसलिए मोदी सरकार को इस संबंध में उचित कदम उठाना चाहिए। हालांकि प्रेसवार्ता में दोनों ने यह भी कहा कि वे इस संबंध में आगे की किसी कार्रवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना चाहेंगे।
संयुक्त वक्तव्य में कहा कि लोक हित को देखते हुए सरकार को बाबरी मस्जिद भूमि और भवन का अधिग्रहण करने के लिए बाबरी मस्जिद मुथवाली (वंशानुगत पर्यवेक्षक) को नोटिस जारी करना चाहिए।
बाबरी मस्जिद के लिए अलग स्थान दें
इसके साथ ही मुस्लिमों को किसी अन्य स्थान पर बाबरी मस्जिद निर्माण का प्रस्ताव देना चाहिए, यह संभावित स्थान सरयू पार हो सकता है।
सुब्रह्ममण्यम स्वामी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में कोई अड़चन नहीं है सरकार को इसके लिए पहल करनी चाहिए, भाजपा के घोषणापत्र में भी ऐसा कहा गया है। स्वामी ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले पत्र लिखा था लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
स्वामी और विहिप के महासचिव चंपत राय ने दावा किया खुदाई रिपोर्ट से भी साबित हो चुका है कि विवादित स्थल पर मंदिर था।