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5 नए अल्पसंख्यक विश्वविद्यालयों की होगी स्थापना
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 01 Jun 2013 12:38 PM IST
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केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के लिए पांच नए विश्विद्यालयों की स्थापना कर सकती है। इनमें अल्पसंख्यकों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार ये विश्वविद्यालय पांच राज्यों के मुस्लिम और ईसाई बहुल इलाकों में स्थापित किए जाएंगे।
माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्र की यूपीए सरकार यह फैसला ले सकती है।
इस संबंध में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के. रहमान खान ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों में आरक्षण का मुख्य पैमाना सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन रहेगा। अल्पसंख्यक का मतलब केवल धार्मिक समूह न होकर सामाजिक समूह होंगे।
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केंद्र सरकार इन विवि में प्रवेश के लिए 'क्रीमी लेयर' का नियम भी ला सकती है।
कहां हो सकते हैं विश्वविद्यालय
इनमें से एक विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली में होने की संभावना है। इसके अलावा कर्नाटक के श्रीरंगापट्टनम में, बिहार और बंगाल में एक-एक और नागपुर के बौद्घ केंद्र में भी हो सकते हैं।
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नहीं है कानूनी बाधा
सुखदेव थोराट समिति ने भी इस विषय पर कानूनी बाधाओं को दूर करते हुए सलाह दी थी संसद में कानून के जरिए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए केंद्रिय विश्वविद्यालय की स्थापना हो सकती है।
इन विश्वविद्यालयों को कानूनी रूप से सही बताते हुए इनके पक्ष में लखनऊ के अंबेडकर विश्वविद्यालय में अनुसूचित जातियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण और मध्य प्रदेश के अमरकंटक आदिवासी विश्वविद्यालय का उदाहरण भी दिया जा रहा है।
खान ने यह भी बताया कि ये विश्वविद्यालय अल्पसंख्य मामलों के मंत्रालय के तहत आएंगे जबकि एएमयू और जामिया जैसे अल्पसंख्यक संस्थान मानव संसाधन मंत्राल विकास मंत्रालय के तहत आते हैं।