सरकार ने बुजुर्गों को कराया अच्छे दिनों का अहसास
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मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में बुजुर्गों को अच्छे दिन का अहसास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही वजह है कि एनडीए के पिछले कार्यकाल में शुरू हुई वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना को फिर से शुरू करने का ऐलान किया गया। हालांकि यह योजना महज एक साल के लिए ही है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में योजना के तहत 3.16 लाख लोग लाभान्वित हुए थे। अब इससे अधिक से अधिक बुजुर्गों को लाभान्वित करने की योजना है।
योजना के तहत 60 साल और उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन बीमा योजना से जोड़ा जाएगा। हालांकि योजना 15 अगस्त 2014 से 14 अगस्त 2015 तक के लिए ही प्रस्तावित है।
बुजुर्गों पर खर्च होगी बिना दावेदारी वाली रकम
दूसरी ओर सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), डाकघर या बचत योजनाओं में जमा बिना दावेदारी वाली रकम का इस्तेमाल वरिष्ठ नागरिकों के हित पर खर्च करने की घोषणा की गई है।
सरकार का मानना है कि ज्यादातर दावेदारी वरिष्ठ नागरिकों के खाते पर नहीं हो रही है क्योंकि खातों के संबंधित भुगतान के निर्देश को लेकर समस्या आड़े आ रही है।
इसलिए इन खातों की धनराशि का इस्तेमाल बुजुर्गों की सुरक्षा और वित्तीय हितों पर खर्च करने की योजना बनेगी। सरकार ने इस धनराशि के इस्तेमाल की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। यह समिति दिसंबर तक अपनी सिफारिशों को सरकार के समक्ष पेश करेगी।