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महंगाई का जख्म और मरहम देने की तैयारी में सरकार
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 24 Sep 2012 10:48 AM IST
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महंगाई से परेशान आम जनता को केंद्र सरकार जख्म और मरहम दोनों देने की तैयारी कर रही है। सोमवार को होने वाली आर्थिक मामलों की समिति की अहम बैठक में राशन की चीनी के दाम बढ़ाने और केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफे पर फैसला लिए जाने की उम्मीद है।
सरकार की नजर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बेचने वाली सस्ती चीनी पर है। राशन दुकानों से गरीबी रेखा के नीचे के उपभोक्ताओं को 13.50 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी दी जाती है। वहीं बाजार में चीनी की कीमत 40 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से कुल 27 लाख टन चीनी का वितरण किया जाता है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई सालों से चीनी के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है।
साथ ही कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 7 फीसदी इजाफे को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अब महंगाई भत्ता को 65 फीसदी से बढ़ाकर 72 फीसदी करने की तैयारी हो रही है। इससे केंद्र सरकार के 80 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
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इसके अलावा राज्य बिजली बोर्ड के पुनर्गठन को हरी झंडी मिलने की बात कही जा रही है। इसके तहत बिजली बोर्ड को कर्ज से उबारने के लिए आधा बोझ राज्य सरकारों पर डाला जाएगा। बाकी 50 फीसदी कर्ज का पुनर्गठन बैंक करेंगे।
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सरकार की नजर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बेचने वाली सस्ती चीनी पर है। राशन दुकानों से गरीबी रेखा के नीचे के उपभोक्ताओं को 13.50 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी दी जाती है। वहीं बाजार में चीनी की कीमत 40 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से कुल 27 लाख टन चीनी का वितरण किया जाता है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई सालों से चीनी के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है।
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साथ ही कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 7 फीसदी इजाफे को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अब महंगाई भत्ता को 65 फीसदी से बढ़ाकर 72 फीसदी करने की तैयारी हो रही है। इससे केंद्र सरकार के 80 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
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इसके अलावा राज्य बिजली बोर्ड के पुनर्गठन को हरी झंडी मिलने की बात कही जा रही है। इसके तहत बिजली बोर्ड को कर्ज से उबारने के लिए आधा बोझ राज्य सरकारों पर डाला जाएगा। बाकी 50 फीसदी कर्ज का पुनर्गठन बैंक करेंगे।