फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Govt has no revalry with Opposition:Jaitley

अपने ही चक्रव्यूह में फंस गई है कांग्रेस : जेटली

Sat, 12 Dec 2015 11:03 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 12 Dec 2015 11:03 PM IST
विज्ञापन
Govt has no revalry with Opposition:Jaitley

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या राहुल गांधी का नाम लिए बगैर शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता अपने ही बनाए चक्रव्यूह में फंस गए हैं और इसे लेकर अब संसद में व्यवधान डाल रहे हैं।

विज्ञापन


एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में सरकार की कोई भूमिका नहीं है और वह किसी कार्रवाई से पहले अदालत के फैसले का इंतजार करेगी। अगर कर से जुड़ा कोई मसला होता है तो आयकर विभाग इस पर सवाल पूछेगा जिसकी एक प्रक्रिया है। अगर आयकर विभाग से किसी को शिकायत है तो वह अपील कर सकता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, ‘अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने कोई नोटिस जारी नहीं किया है। आयकर विभाग ने कोई एसेसमेंट ऑर्डर जारी नहीं किया है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

विपक्ष के साथ कोई शत्रुता नहीं

Govt has no revalry with Opposition:Jaitley

उन्होंने सरकार और विपक्ष के बीच शत्रुता के स्तर तक की कड़वाहट की अटकलों के बारे में कहा कि विपक्ष के साथ कोई शत्रुता नहीं है। ऐसे कई मसले हैं जिनको लेकर संसद में एकमत से कार्यवाही होती है और कुछ मसलों पर भिन्नता होती है।

उन्होंने पूछा कि नेशनल हेराल्ड मामले में भारत सरकार ने कौन से कदम उठाए हैं जिसके लिए संसद को बाधित किया जा रहा है। जेटली ने कहा, ‘संसद के आज बाधित होने की क्या वजह है। यही कि कुछ निजी शिकायत दर्ज की गई, एक मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी किया, आप हाईकोर्ट जाते हैं और हाईकोर्ट आपको राहत देता है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट दी गई राहत खारिज कर देता है। अब आप या तो ट्रायल कोर्ट जाइए या सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती देते हैं। सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है।’

ज्यादातर रक्षा एसोसिएशन ने ओआरओपी को स्वीकार किया वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के लिए सरकार के वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) फॉर्मूला को ज्यादातर एसोसिएशन ने स्वीकार किया है। सिर्फ कुछ वर्ग ही ऐसे हैं जिन्हें इस मामले को लेकर कोई समस्या है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed