जीका वायरस के खतरे पर सचेत हुई सरकार, बनाया तकनीकी समूह
दुनियाभर में जीका वायरस के बढ़ते खतरे को भांपते हुए सरकार ने एक तकनीकी समूह का गठन किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से चेतावनी जारी होने के एक दिन बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही सर्विलांस सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा।
डब्ल्यूएचओ ने चेताया था कि जीका वायरस अमेरिका में बहुत तेजी से फैल रहा है और 40 लाख लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। संगठन ने भारत समेत सभी देशों के लिए चेतावनी जारी की थी। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई।
इसमें जीका वायरस के खतरों और हाल में कुछ देशों में सामने आए मामलों पर बात हुई। बैठक के बाद नड्डा ने कहा कि स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। भारत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। तकनीकी समूह इसलिए तैयार किया जा रहा है ताकि वह जरूरी एहतियाती कदम के बारे में सुझाव दे सके।
एडीज मच्छरों से फैलता है जीका वायरस
यह वायरस साफ पानी में पनपने वाले एडीज मच्छरों से फैलता है। इसे देखते हुए मंत्रालय ने एडीज मच्छरों के प्रवास वाली जगहों को खत्म करने और उन्हें ब्रीडिंग से रोकने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत बताई है।
एक अधिकारी के अनुसार इस संबंध में सामाजिक जागरुकता अहम भूमिका निभाती है। लोगों को इस वायरस के बारे में अधिक जानकारी मुहैया कराने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सरकार एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी करने की भी तैयारी कर रही है।
इसमें दूसरे मुद्दों के साथ गर्भवती महिलाओं को जीका वायरस प्रभावित देशों की यात्रा नहीं करने की सलाह दी जाएगी। इस पर चर्चा जारी है। इस बैठक में एम्स के चिकित्सक भी मौजूद थे।