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'मच्छर तो मारे नहीं, भ्रष्टाचार से क्या लड़ेगी सरकार'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 30 Nov 2012 11:13 PM IST
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भाजपा सांसद के अनुसार डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियां पैदा करने वाले मच्छरों पर नियंत्रण लगाने के मामले में सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है।
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लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मामले को उठाने वाले भाजपा नेता अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को डेंगू और चिकनगुनिया मच्छरों पर रोक न लगा पाने के लिए सरकार की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि जो सरकार मच्छरों को नहीं मार सकती है, वह भ्रष्टाचार पर क्या खाक लगाम लगाएगी। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि रिटेल में एफडीआई लाकर करोड़ों रोजगारपरक लोगों को मारने की योजना छोड़कर केंद्र मच्छरों को भगाने के लिए एफडीआई लाए तो पूरा विपक्ष सहयोग को तैयार है।
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मेघवाल ने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आयोजित एक सेमिनार में अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छरों को समाप्त करने में असमर्थ हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके पास तकनीकी रूप से काम करने वाले लोगों की कमी है। लिहाजा अब लोगों को ही ऐसा बनना होगा कि वे डेंगू और चिकनगुनिया जैसे मच्छरों के साथ रह सकें। उन्होंने कहा जिस मंत्रालय के अधिकारी सेमिनार में ऐसा कह रहे हों, उस सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है।
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मेघवाल के मुताबिक डेंगू और चिकनगुनिया मच्छरों के काटने से होने वाली मौतों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। इसके बावजूद सरकार हाथ पर हाथ धर कर बैठी हुई है। सरकार का मलेरिया उन्मूलन का दावा भी खोखला है क्योंकि पूर्वी भारत में मलेरिया बुखार अभी भी कायम है। लिहाजा डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छरों को मारने के लिए सरकार विदेशी मदद लेनी चाहिए। सरकार चाहे तो इस योजना के लिए एफडीआई भी ला सकती है। विपक्ष ही नहीं सरकार के सहयोगी दल भी इस मामले में सरकार का समर्थन करेंगे।