सरकार ने अपाचे-चिनूक हेलीकॉप्टर सौदे को दी मंजूरी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलीकॉप्टर के सौदे को मंजूरी दे दी है।
दिग्गज अमेरिकन उड्डयन कंपनी बोइंग के साथ हुआ यह सौदा 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का है। सरकारी सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक के ठीक बाद हुई सीसीएस की बैठक में इस सौदे को मंजूरी दी गई।
रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि इस साल जून में यूएस के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर की यात्रा के दौरान इस खरीद पर मुहर लग जाएगी।
अपाचे बहुत ही उन्नत किस्म का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। यह सभी तरह के मौसम में और रात में भी उड़ाया जा सकता है। इसमें एक मिनट से भी कम समय में 128 लक्ष्यों पर निशाना साधने और 16 को भेदने की क्षमता है। यह रडार को भी मात देने में सक्षम है।
2013 से लटकी हुई थी डील
दाम से जुड़े मसलों पर सहमति बनने के बाद यह सौदा 2013 से ही लटका हुआ था। इस बीच अमेरिका की तरफ से 10 बार दाम बढ़ाने की बात की गई। हालांकि भारत के आग्रह पर ऐसा हुआ नहीं।
अपाचे के लिए हुई डील के मुताबिक बोइंग कंपनी हेलीकॉप्टर मुहैया कराएगी, जबकि इससे जुड़े हथियार, रडार तथा जंगी उपकरण अमेरिकी सरकार देगी। साथ ही भारत बाद में 11 और अपाचे तथा चार चिनूक लेगा।
यह सौदा दोनों ही देशों के लिए बेहद अहम है। इससे जहां भारत की रक्षा पंक्ति मजबूत होगी, वहीं देश के बढ़ते रक्षा बाजार में अमेरिका अपनी और सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकेगा। पिछले दशक में यूएस कंपनियों ने भारत से करीब 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रक्षा कॉन्ट्रैक्ट किए हैं।