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पांच साल और बढ़ा सिमी पर प्रतिबंध
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 06 Feb 2014 09:48 PM IST
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केंद्र ने स्टूडेंट इसलामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया यानी सिमी को और पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। यह आदेश 1 फरवरी से लागू माना जाएगा।
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सरकार ने कहा है कि अगर इस संगठन की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई तो यह दोबारा संगठित होकर देश की धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को नुकसान पहुंचाएगा।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि सिमी की गतिविधियां लगातार देश की अखंडता और सुरक्षा के खिलाफ बनी हुई हैं। लिहाजा इस पर और पांच साल के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है। अगर इसे रोका नहीं गया तो यह गुपचुप तरीके से अपनी गतिविधियां जारी रख अपने फरार सदस्यों को एकजुट कर लेगा।
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सिमी पर प्रतिबंध बढ़ाने की गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि यह सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ कर लोगों को दिमाग को प्रदूषित कर देगा और इससे देश के सेक्यूलर तानेबाने को नुकसान पहुंचेगा।
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सिमी राष्ट्र विरोध भावनाओं को भड़काता रहता है और आतंकवाद के जरिये अलगाव नीतियों को हवा देती रहता है। यह देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा है। लिहाजा उसकी गतिविधियों पर लगाम जरूरी है।
मंत्रालय ने जो अधिसूचना जारी की है उसमें आतंकवाद के 21 ऐसे मामलों की सूची है, जिसमें सिमी के कथित तौर पर शामिल होने का हवाला दिया गया है।
इनमें से एक 2012 में आजाद मैदान में किया गया विस्फोट भी शामिल है। आजाद मैदान आंदोलन के दौरान जो दस आरोपी गिरफ्तार हुए थे उनमें से एक इकबाल उर्फ पाप्पा गुलाम रसूल शेख सिमी का सदस्य था।