मोदी सरकार पर बरसे गोविंदाचार्य, लगाए बड़े आरोप
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सियासी आरोपों की सुनामी झेल रही भाजपा पर अब पार्टी के पूर्व महासचिव केएन गोविंदाचार्य ने निशाना साधा है। गोविंदाचार्य ने कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बावजूद मंत्रियों का हटाया नहीं जाना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक गैर-ईमानदारी का सबूत है।
अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' को दिए गए इंटरव्यू में गोविंदाचार्य ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार सत्ता केंद्रित है जबकि इसे जन-केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता के लिए मुद्दों और मूल्यों को गुडबाय कह दिया है।
गोविंदाचार्य ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने जोर-शोर से भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया था, लेकिन आज वही सरकार भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ललित मोदी की मदद करके भ्रष्टाचार का सबूत दिया है।
लोगों में जा रहा है गलत संदेश
गोविंदाचार्य ने कहा कि पार्टी महाराष्ट्र की मंत्री और दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे पर लगे 206 करोड़ के घपले के आरोप को भी झेल रही है। इसके बावजूद जब सरकार के मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की जाती है तो गृह मंत्री बोलते हैं कि यह यूपीए की सरकार नही है, बल्कि एनडीए की सरकार है, यहां इस्तीफे नहीं होते।
पूर्व भाजपा महासचिव ने कहा कि लोग नैतिकता को देखते हैं, नाकि कानूनी दांवपेंच को। इस सभी बातों से दूर-दराज के गांवों में यह संदेश जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बिल्कुल समझौता ना करने का दावा करने वाली भाजपा में कुछ ना कुछ गलत जरूर हो रहा है।
गोविंदाचार्य ने कहा कि इन तमाम आरोपों से लोगों के अंदर धारणा बन रही है कि सत्ता में बैठे प्रभावशाली और शक्तिशाली लोग एक दूसरे को फायदा पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह धारणा पार्टी के सांसदों, विधायकों और पंचायत सदस्यों का स्तर गिरा रही है, जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ेगा।