महाराष्ट्र के राज्यपाल शंकरनारायणन का इस्तीफा
महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका तबादला मिजोरम कर दिया गया था। जिसके लिए वो तैयार नहीं हुए और अपना पद छोड़ दिया। उनका कार्यकाल 2017 में समाप्त होना था।
पहले ख़बरे आई थीं कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के राज्यपाल 82 वर्षीय शंकरनारायणन को संकेत दिये थे कि वो अपने पद से इस्तीफा दे दें लेकिन उन्होंने इस्तीफ़ा देने से इंकार कर दिया था।
इससे पहले केंद्र सरकार ने गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल को मिजोरम स्थानांतरित किया था लेकिन उनके वहां जाने के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।
देर रात राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी विज्ञप्ति में गुजरात के राज्यपाल ओ पी कोहली को नई व्यवस्था होने तक महाराष्ट्र के राज्यपाल का काम देखने के लिए कहा गया है।
'राज्यपालों पर दबाव'
के शंकरनारायणन इससे पहले नागालैंड के राज्यपाल और केरल में मंत्री के पद पर काम कर चुके हैं।
कुछ दिन पहले उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी ने केंद्र सरकार के उन पर इस्तीफ़े के लिए दबाव देने के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया था और सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपनी बात रखने के लिए नोटिस जारी किया था।
सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने यूपीए के सात राज्यपालों पर इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया था और उनमें से कई ने अपने पद से त्यागपत्र भी दे दिया था।
2004 में जब मनमोहन सरकार सत्ता में आई थी तो उसने भी एनडीए सरकार के चार राज्यपालों को बर्ख़ास्त कर दिया था।