हाजी अली में महिलाओं की नो एंट्री पर अब सरकार भी रखेगी अपना पक्ष
हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी पर अब महाराष्ट्र सरकार भी अपना पक्ष रखेगी। बुधवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को यह जानकारी दी। इसके बाद बांबे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि वह दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने के हाजी अली ट्रस्ट के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अपनी राय दे।
राज्य महाधिवक्ता श्रीहरि अणे ने कहा कि हाजी अली दरगाह में महिलाओं पर लगी पाबंदी न्यायसंगत है कि नहीं, इस बारे में सरकार अपना पक्ष रखेगी।
हालांकि अब तक महाराष्ट्र सरकार इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा में थी। इस पर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वीएम कानाडे और न्यायमूर्ति रेवती ढेरे की पीठ ने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया है।
पहला मौका जब सरकार से मांगी राय
पीठ ने महाधिवक्ता से कहा कि वह 9 फरवरी को राज्य की तरफ से दलीलें पेश
करें कि महिलाओं को दरगाह के मुख्य भाग में प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए
या नहीं। यह पहला मौका है, जब राज्य सरकार से इस मामले में राय मांगी गई
है।
हाजी अली दरगाह में 2011 से महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई
है। मुस्लिम महिला आंदोलन संगठन ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की
है।
वहीं हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने महिलाओं के प्रवेश को इस्लाम के खिलाफ
बताते हुए पाबंदी कायम रखी है।