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जस्टिस वर्मा की सिफारिशों पर अमल जल्द: पीएम

Wed, 30 Jan 2013 07:47 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 30 Jan 2013 07:47 PM IST
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government will be prompt in pursuing verma panel recommendations

दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद देशभर में आम जनता के गुस्से को थामने के लिए गठित जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों पर चुप्पी साधने वाली सरकार अब उन्हें तत्परता से आगे बढ़ाएगी।

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सिफारिशों पर गृह मंत्रालय की अटकलों से उपजे विवाद को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को जस्टिस वर्मा को पत्र लिखकर विराम दे दिया है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के लिए कानून में संशोधन करने की जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों को उनकी सरकार तत्परता से आगे बढ़ाएगी।
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जस्टिस वर्मा को लिखे पत्र में मनमोहन ने 30 दिन में ही कार्य पूरा करने के लिए समिति को धन्यवाद भी दिया है। प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा है कि सरकार की ओर से मैं आपको आश्वासन देता हूं कि समिति की सिफारिशों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। समिति ने रिपोर्ट 30 दिन की अल्प अवधि के भीतर पेश कर दी जो सार्वजनिक भलाई वाले कार्य के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और चिंता का परिचायक है।
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मालूम हो कि जस्टिस वर्मा समिति ने दुष्कर्म, हत्या के अपराध को अंजाम देने वालों के लिए 20 साल के कारावास और सामूहिक दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास का दंड देने की सिफारिश की है। लेकिन उसने मृत्युदंड का सुझाव नहीं दिया है।

सरकार जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों पर गंभीर है। इन सिफारिशों पर जल्द कोई कदम उठाया जाएगा।--
अश्विनी कुमार, कानून मंत्री

--जस्टिस वर्मा समिति ने सरकार को 23 जनवरी को सौंपी अपनी 630 पन्नों की रिपोर्ट में की हैं कई सिफारिशें

--दुष्कर्म करने वाले पुलिसकर्मियों और जनसेवकों को अन्य लोगों से अधिक सजा देने की सिफारिश।
--दुष्कर्म, हत्या के अपराध को अंजाम देने वालों के लिए 20 साल का कारावास।
--सामूहिक दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास का दंड देने की सिफारिश।
--लेकिन मृत्युदंड का सुझाव नहीं दिया।

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