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अटल बिहारी वाजपेयी, मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न

Wed, 24 Dec 2014 01:15 PM IST
Updated Wed, 24 Dec 2014 01:15 PM IST
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Atal Bihari Vajpayee and Madan Mohan Malviya to be awarded with Bharat Ratna

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और स्वतंत्रता सेनानी मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न देने के फैसले पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मुहर लगा दी है। अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न उनके जन्मदिन के दिन दिया जाएगा, जो 25 दिसंबर को है। साथ ही, केन्द्र सरकार 25 दिसंबर का दिन 'गुड गवर्नेंस डे' नाम से भी मनाएगी। वाजपेयी पहले ऐसे दक्षिणपंथी नेता हैं, जिन्हें भारत रत्न का सम्मान दिया जाएगा।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत रत्न का सम्मान देने का यह फैसला भाजपा के नेताओं के साथ हुई एक बैठक में लिया है। इस बैठक में अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और अमित शाह शामिल थे। अब तक कुल 43 लोगों को भारत रत्न का सम्मान दिया जा चुका है।

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अटल बिहारी वाजपेयी: बीजेपी का उदारवादी चेहरा

Atal Bihari Vajpayee and Madan Mohan Malviya to be awarded with Bharat Ratna

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था, जो भारत के 11वें प्रधानमंत्री बने। पहले यह 1996 में 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने और फिर उसके बाद 19 मार्च 1998 से लेकर 19 मई 2004 तक सत्ता की बागडोर प्रधानमंत्री की तरह संभाली।

अटल बिहारी वाजपेयी 1942 में राजनीति में आए, जब उन्हें उनके भाई प्रेम के साथ भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान 23 दिनों के लिए गिरफ्तार किया गया था। दिसंबर 2005 में वाजपेयी जी ने राजनीति से संन्यास ले लिया था।

वाजपेयी जी को 9 बार लोकसभा के लिए और दो बार राज्य सभा के लिए चुना गया। मोरारजी देसाई की कैबिनेट में इन्होंने विदेश मंत्री का पद भी संभाला था। बीजेपी का गठन करने वालों में एक नाम अटल बिहारी वाजपेयी का भी है।

कौन हैं मदन मोहन मालवीय

Atal Bihari Vajpayee and Madan Mohan Malviya to be awarded with Bharat Ratna

पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 में इलाहाबाद में हुआ था। इनकी मृत्यु 84 वर्ष की उम्र में 12 नवंबर 1946 में बनारस में हुई। मदन मोहन मालवीय एक शिक्षक और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें इनके कामों के लिए 'महामना' की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था।

यह 1909 और 1918 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रेसिडेंट रहे। 1916 में मालवीय जी ने ही बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी और 1919 से लेकर 1938 तक इसके वाइस चांसलर भी रहे। मालवीय जी ने पहली बार 1886 में राजनीति में कदम रखा था, जब इन्होंने दादाभाई के नेतृत्व में कोलकाता में हो रहे दूसरे इंडियन नेशनल कांग्रेस सम्मेलन में हिस्सा लिया था।

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इन्हें मिल चुका है भारत रत्न

Atal Bihari Vajpayee and Madan Mohan Malviya to be awarded with Bharat Ratna

1- सी राजागोपालचारी
2- सी वी रमन
3- सर्वपल्ली राधाकृष्णन
4- भगवान दास
5- विश्वेश्वराय
6- जवाहरलाल नेहरू
7- गोविंद बल्लभ पंत
8- धोंदो केशव कार्वे
9- बिधान चन्द्र राय
10- पुरुषोत्तम दास टंडन
11- राजेन्द्र प्रसाद
12- जाकिर हुसैन
13- पांडुरंग वमन काने
14- लाल बहादुर शास्त्री
15- इन्द्रा गांधी
16- वी वी गिरी
17- के कामराज
18- मदर टेरेसा
19- विनोबा भावे
20- खान अब्दुल गफ्फार खान
21- एम जी रामचन्द्रन
22- भीम राव अंबेडकर
23- नेल्सन मंडेला
24- राजीव गांधी
25- बल्लभ भाई पटेल
26- मोरारजी देसाई
27- अब्दुल कलाम आजाद
28- जे आर डी टाटा
29- सत्यजीत राय
30- गुलजारी लाल नंदा
31- अरुणा आसिफ अली
32- ए पी जे अब्दुल कलाम
33- एस एस सुब्बुलक्ष्मी
34- चिदंबरम सुब्रमण्यम
35- जयप्रकाश नारायण
36- रवि शंकर
37- अमृत्य सेन
38- गोपीनाथ बोरदोलोई (Gopinath Bordoloi)
39- लता मंगेशकर
40- बिस्मिल्लाह खान
41- भीमसेन जोशी
42- सी एन आर राव
43- सचिन तेंदुलकर

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