ISIS से वापस लौटे आरिफ माजिद पर होगी कार्रवाई
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर सीरिया और इराक में सक्रिय इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) की आतंकी गतिविधियों में शामिल होकर लौटे 23 वर्षीय आरिफ माजिद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने इसके तहत भारत में आईएस पर प्रतिबंध लगा रखा है।
महाराष्ट्र के कल्याण निवासी माजिद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर सरकार के सामने मुसीबत यह है कि उसने देश में किसी तरह की आतंकी वारदात या गैरकानूनी काम नहीं किया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आईपीसी की धारा 125 के तहत आरिफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हुई है। गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक आजाद भारत के इतिहास में यह धारा शायद ही कभी इस्तेमाल की गई होगी। यह धारा देश के बाहर भारत विरोधी गतिविधि में शामिल होने से संबंधित है।
'माजिद को आईएस में शामिल होने का कोई अफसोस नहीं'
माजिद पिछले नवंबर में अचानक भारत लौट आया था। इससे पहले कल्याण के तीन लड़कों के साथ उसके आईएस में शामिल होने की खबर आई थी। इन्हीं लड़कों में से एक ने माजिद के परिवार को फोन पर जानकारी दी कि वह आईएस की तरफ से लड़ते हुए मारा गया। माजिद के भारत लौटते ही मुंबई पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने उसे हिरासत में ले लिया था।
पुलिस की दलील थी कि सीआरपीसी की धारा 41 के तहत अगर किसी के खिलाफ विश्वसनीय जानकारी है तो उससे कानूनी तौर पर पूछताछ की जा सकती है। पुलिस के मुताबिक, माजिद को आईएस में शामिल होने का कोई अफसोस नहीं हैं।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि उसके दिमाग में धर्मांधता कूट-कूट कर भरी है। इस आधार पर माजिद का मामला एनआईए को सौंप दिया गया। यूएपीए के तहत कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय की अनुमति लेनी पड़ती है। इसलिए एनआईए आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रही थी।