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मनरेगा भुगतान में हुई देरी, तो अफसरों पर गिराएगी गाज
विजय गुप्ता/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 13 Nov 2013 07:52 AM IST
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हाड़तोड़ मेहनत के बावजूद मनरेगा कामगारों को दो-दो महीने की देरी से भुगतान की लगातार शिकायतों से नाराज केंद्र ने भुगतान के नियमों को सख्त कर दिया है।
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कारण कोई भी हो यदि काम के बाद पंद्रह दिन तक भुगतान नहीं हुआ तो 16वें दिन कामगारों को कुल बकाया धनराशि का 25 फीसदी अधिक भुगतान करना जरूरी कर दिया गया है।
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खास बात यह है कि अधिक भुगतान की यह रकम केंद्र या राज्य सरकार नहीं बल्कि उस अफसर को देनी होगी, जिसकी वजह से भुगतान में देरी हुई है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मनरेगा कामगारों की मजदूरी के समय पर भुगतान के लिए समय समय पर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
इसके बावजूद कामगारों की समस्या जस की तस बनी हुई है। बैंक व डाकघरों के जरिए भुगतान की व्यवस्था भी की गई है लेकिन इसका कामगारों को जरा भी फायदा नहीं हुआ।
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उल्टे भुगतान पहले से भी ज्यादा देरी से हो रहा है। भुगतान में देरी के कारण भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। इसीलिए केंद्र सरकार ने अब मनरेगा के समय पर भुगतान के लिए सख्त नियम बनाए हैं।
इसके तहत यदि किसी कारण से मनरेगा कामगारों को अपनी मजदूरी पंद्रह दिन तक नहीं मिलती तो 16 वें दिन उसे कुल बकाया मजदूरी पर 25 फीसदी अधिक भुगतान करना जरूरी होगा।
यही नहीं यदि भुगतान में 30 दिन की देरी हुई तो इसके बाद 50 फीसदी अधिक भुगतान किया जाएगा। अतिरिक्त रकम का भुगतान केंद्र या राज्य सरकार नहीं बल्कि उस अफसर को देना होगा, जिसके कारण भुगतान में देरी हुई है।
नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि राज्य सरकारें इस नए नियम से नाराज हैं। उनका कहना है कि भुगतान में देरी के लिए कोई एक अफसर दोषी नहीं होता। लिहाजा इसकी वसूली करना मुश्किल काम होगा।