भगत सिंह को शहीद का दर्जा नहीं, सरकार ने बंद की फाइल
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शहीद भगत सिंह ब्रिगेड से जुड़े मेरठ के अधिवक्ता मनिंदर सिंह की उस फाइल को केंद्र सरकार ने बंद कर दिया है जिसमें उन्होंने भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव को शहीद का दर्जा देने की मांग की थी।
साथ ही अन्य मांगों पर भी पानी फेरते हुए बस यह कहकर खानापूर्ति की दी कि उनकी मांग और सुझाव नोट कर लिए गए हैं।
मनिंदर सिंह के मुताबिक वर्ष 2013 में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से जन सूचना के अधिकार में सूचना मांगी थी कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को शहीद का दर्ज कब दिया गया।
यदि अभी तक नहीं दिया गया तो इसके लिए क्या कार्रवाई चल रही है। इस बाबत भारत सरकार ने जवाब दिया गया कोई सूचना उनके पास उपलब्ध नहीं है।
केंद्र ने बंद की शहीदों की फाइल
ब्रिगेड कार्यकर्ताओं ने विगत तीन जुलाई 2014 को प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। मांग की थी कि इन तीनों क्रांतिकारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। शहीद संग्रहालय बनाया जाए।
साथ ही देश के सभी शहीदों के बच्चों की शिक्षा का उचित इंतजाम किया जाए। एडवोकेट मनिंदर के मुताबिक 14 मार्च 2015 को इस बाबत वहां से वापस जवाब मिल गया है।
इस ज्ञापन पर जो एक्शन लिया गया है, उसके मुताबिक यह सुझाव केवल नोट किया गया है और केस को बंद कर दिया गया है। मनिंदर के मुताबिक सरकार ने यह नाइंसाफी की है। उनकी एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया और प्रकरण को ही बंद कर दिया गया।
उनका कहना है कि अभी तक सरकार के पास वही दस्तावेज मौजूद हैं जो ब्रितानिया हुकूमत के हैं। उसमें इन तीनों क्रांतिकारियों को आतंकी लिखा है और सरकार इस रिकॉर्ड को बदलने को तैयार नहीं है। यदि ऐसा होता तो इसकी जानकारी भी दी जाती। मंशा होती तो फिर इसे परिवर्तित किया जाता। यह देश के शहीदों के साथ मजाक है। इस बाबत वे एक बार फिर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखेंगे।