पीएम मोदी को मिला पवार का 'सहारा'
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एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को लगता है कि एक माह में नरेंद्र मोदी सरकार से जादू की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उनका मानना है कि सरकार को कुछ समय दिया जाना चाहिए।
पवार ने कहा है कि चुनाव के दौरान मोदी ने जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे, लेकिन सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने रेल किराया, डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। इससे मोदी के अल्प शासन में ही महंगाई बढ़ गई। अब कुछ दिनों बाद ही यह पता चलेगा कि सरकार जनता से किए वादों पर कितना खरा उतरती है।
पवार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एफडीआई को बढ़ावा देने का समर्थन किया, लेकिन रक्षा क्षेत्र में 49 प्रतिशत एफडीआई के प्रस्ताव पर सवाल उठाया है।
अमित शाह के मामले पर पवार ने ली चुटकी
भाजपा की कमान अमित शाह को सौंपने पर भी पवार ने चुटकी ली है। उन्होंने कहा है कि यदि भाजपा को लगता है कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से अमित शाह वरिष्ठ नेता हैं तो यह उनका अंदरूनी मामला है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-एनसीपी का नेतृत्व करने की चर्चा के बारे में उन्होंने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस हाईकमान के साथ तीन दौर की वार्ता हुई है, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से सीटों की हिस्सेदारी बराबरी की नहीं होगी, बल्कि जीत की संभावनाओं को देखते हुए सीटों का बंटवारा किया जाएगा।
उन्होंने संभावना जताई है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद पर कोई रास्ता जल्द ही निकल आएगा। ट्राई के पूर्व अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र की नियुक्ति को जारी रखने के लिए संसद में नया बिल लाने पर पवार ने मोदी सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में उनकी नियुक्ति के विरोध की जरूरत नहीं है।