ललित मोदी मामले से बचने को सरकार चलेगी ये दांव
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विपक्ष के घेरेबंदी से बाहर निकलने और अपनी छवि बचाने के लिए सरकार अब आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को हर हालत में भारत लाने की मशक्कत में जुट गई है। सरकार के रणनीतिकारों को लगता है कि ललित मोदी को भारत ला कर कानून से सामना कराए बिना वह इस विवाद से बाहर नहीं आ सकती।
यही कारण है कि बीते बृहस्पतिवार की रात स्वदेश लौटते ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष से अलग-अलग मुलाकात की। इन मुलाकातों में मुख्य रूप से ललित मोदी को ब्रिटेन से भारत लाने संबंधी सभी कानूनी उपायों पर चर्चा की गई।
माना जा रहा है कि ललित मोदी पर पूरी तरह से शिकंजा कसने के लिए सरकार दो तीन स्तर पर प्रयास करेगी। उनके खिलाफ मनी लाउंड्रिंग के साथ-साथ अन्य सभी संभव कानूनी विकल्प आजमाए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती सरकार
सरकार जल्द ही मोदी का पासपोर्ट रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। इसके साथ ही मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा सकता है।
इस समय आईपीएल के पूर्व कमिश्नर के खिलाफ फेमा के तहत मामला दर्ज है। इसमें न तो मोदी का प्रत्यर्पण कराया जा सकता है और न ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
फेमा के उल्लंघन मामले में महज जुर्माना वसूले जाने का ही प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका जाने से पूर्व वित्त मंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय से ललित मोदी के संदर्भ में सभी संभव कानूनी कार्रवाई का अध्ययन कर फाइल तैयार करने का निर्देश दिया था।
जेटली ने पीएम मोदी और शाह के साथ की रणनीति पर चर्चा
भाजपा ने इस सिलसिले में जेटली और पीएम मोदी की मुलाकात को हालांकि सामान्य मुलाकात बताते हुए कहा कि विदेश दौरे से लौटने के बाद मंत्री की पीएम से मुलाकात सामान्य शिष्टाचार है।
मगर पीएम से मुलाकात के बाद जेटली की शाह से र्हुई करीब 40 मिनट की मुलाकात ने साफ कर दिया कि सारी कवायद ललित मोदी प्रकरण से निपटने की है।
दरअसल पार्टी और सरकार ने पहले से ही तय कर रखा है कि वह इस प्रकरण में घिरी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा का इस्तीफा नहीं लेगी।
ऐसे में उसके सामने अब ललित मोदी पर कानूनी शिकंजा कस कर भ्रष्टाचार से किसी तरह का समझौता न करने का संदेश देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।
क्या है रणनीति
इस समय ललित मोदी के खिलाफ खिलाफ फेमा के तहत मामला दर्ज है। इसमें न तो उनका प्रत्यर्पण कराया जा सकता है और न ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। लिहाजा मोदी के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग का मामला लादने समेत सभी संभव कानूनी विकल्प आजमाए जाएंगे।
भाजपा का हथियार बनी ललित की वाड्रा और प्रियंका से मुलाकात
ललित मोदी की ओर से यूपीए-2 सरकार में रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी से मुलाकात के ट्वीट से भाजपा कोे भारी राहत मिली है और उसने अब कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं।
पार्टी ने न केवल इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से सफाई मांगी है बल्कि ललित मोदी से जुड़े भ्रष्टाचार के लिए भी गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहरा दिया है।
पार्टी ने कहा कि इस मुलाकात के खुलासे से साफ हो गया है कि ललित मोदी और उनसे जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों केतार 10 जनपथ से जुड़े हुए हैं।
कांग्रेस के कड़े तेवर बरकरार
ललित मोदी के साथ प्रियंका और राबर्ट वाड्रा की तस्वीर सामने आने के बाद भी मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के कड़े तेवर बरकरार हैं। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार दागियों का जमावड़ा है।
ललित मोदी के साथ सामने आई प्रियंका और रार्बट की तस्वीर पर सफाई पेश करते हुए पार्टी ने कहा है कि अचानक मिल जाना अपराध नहीं है। पार्टी का कहना है कि खुद ललित मोदी ने प्रियंका और राबर्ट से मुलाकात को अचानक भेंट करार दिया है।
पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि कोई सड़क पर सामने मिल जाए तो वह अपराध नहीं है। कांग्रेस नेता सी.पी.जोशी ने कहा है कि बीजेपी अब भ्रष्टाचार बचाओ पार्टी के रूप में कार्य कर रही है।