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पोर्न बैन पर बोली सरकार, सबके बेडरूम में नजर नहीं रख सकते

Mon, 10 Aug 2015 03:05 PM IST
Updated Mon, 10 Aug 2015 03:05 PM IST
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Government says to the SC,

पोर्न बैन के मुद्दे पर केन्द्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार पोर्न साइट्स पर बैन नहीं लगाएगी। केन्द्र की ओर से पेश हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि हम सर्वसत्तावादी सत्ता की तरह यह निरीक्षण नहीं कर सकते कि दो व्यस्क लोग अपने बेडरूम में क्या देख रहे हैं।

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रोहतगी ने कहा कि सरकार नैतिक पुलिसिंग करने का इरादा नहीं रखती। रोहतगी केन्द्र सरकार की ओर से पोर्न बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश एचएल दत्तू की पीठ के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख रहे थे।
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रोहतगी ने कहा कि पोर्न बैन के मुद्दे पर समाज और संसद में बड़ी बहस की जरूरत है। रोहतगी ने कहा सरकार का पोर्न को बैन करने का कोई इरादा भी नहीं है। अगर इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट कोई निर्देश देती है तो केन्द्र सरकार उसका पालन जरूर करेगी।
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बैन के विरोध में हो रही थी सरकार की आलोचना

Government says to the SC,

बता दें कि केन्द्र सरकार की ओर से पिछले सप्ताह चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर बैन लगाने के उद्देश्य से 857 पोर्न साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस मुद्दे पर सरकार को सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। कई प्रबुद्ध लोगों ने भी पोर्न साइट पर बैन लगाने का खुलकर विरोध किया था।

जबकि इस मुद्दे पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर जिनसे सरकार ने पोर्न साइट पर बैन लगाने को कहा था ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सरकार द्वारा ‌दिए गए निर्देश अस्पष्ट थे। वहीं इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर एसोसिएशन ऑफ ‌इंडिया ने भी सरकार से साइटों से भी प्रतिबंध वापस लेने का आग्रह किया था।

हालांकि पूर्व में केन्द्र सरकार ने स्पष्ट किया था कि पोर्न साइटों पर लगाया गया बैन अस्‍थायी है और इस पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अधीन कार्य किया जाएगा। मामले में अगली सुनवाई अब अक्टूबर में होगी।

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