मोदी सरकार ने अपने इस मंत्री को दी क्लीन चिट
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वेतन और फर्जी डिग्री के विवाद में फंसे केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया को सरकार ने दोनों ही मामलों में क्लीन चिट दे दिया है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को मामले की सच्चाई जानने का जिम्मा सौंपा था। इस पर जेटली ने पूरे मामले की जांच की और तथ्यों से पीएम को अवगत करा दिया। जेटली ने कठेरिया को क्लीन चिट दिया है।
जेटली का मानना है कि कठेरिया के वेतन के मामले में उनका नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन का दोष है। विश्वविद्यालय कानून के तहत कोई भी राजनेता सत्र छोड़कर क्लास ले सकता है और उसे इसके एवज में तनख्वाह मिलती है। इसी नियम का पालन करते हुए विश्वविद्यालय कठेरिया को वेतन देता रहा है।
सरकार ने अपने स्तर पर की जांच
विश्वविद्यालय ने भूल वश कठेरिया के मंत्री बनने के बाद भी उनके खाते में पैसे भेज दिए हैं। जिस पर कठेरिया ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर जानकारी दे दी है कि वे अब मंत्री बन गए हैं। इसलिए पैसा वापस ले लिया जाए।
फर्जी डिग्री के मामले में भी जेटली ने कठेरिया को निर्दोष बताया है। कहा जा रहा है कि शपथ पत्र के जरिए खुद विश्वविध्यालय ने कठेरिया की डिग्रियों को असली बताया है।
उधर, कठेरिया के साथ ही विवादास्पद बयान देने की वजह से चर्चा में आईं केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के जरिए भाजपा रणनीतिकार उत्तर प्रदेश की सियासत को साधने की तैयारी में हैं। उत्तर प्रदेश की रणनीति से जुडे नेताओं का कहना है कि संसद सत्र के बाद दोनों नेताओं को पार्टी प्रदेश में घुमाएगी। उन्हें पार्टी का चेहरा बनाकर पेश किया जाएगा।