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इस साल दंगों ने यूपी में ली सबसे ज्यादा जान

Wed, 25 Sep 2013 12:56 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Wed, 25 Sep 2013 12:56 AM IST
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government releases data of riot victims identifying religion

संभवत: पहली बार केंद्र सरकार ने सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए लोगों के धर्म की पहचान की और उनके आंकड़े जारी किए हैं।

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आंकड़ों के अनुसार, इस साल दंगों में अब तक 107 लोगों की मौत हुई जिसमें 66 मुस्लिम और 41 हिंदू थे।

गृहमंत्रालय द्वारा जारी किए गए दस्तावेज के मुताबिक, देश में 15 सितंबर तक मुजफ्फरनगर दंगों समेत कुल 479 दंगे हुए। इनमें 107 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

सबसे अधिक लोगों की जान उत्तर प्रदेश में गई। प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा में 62 लोग मारे गए, जिसमें से 42 मुस्लिम और 20 हिंदू थे।

उत्तर प्रदेश में इस साल के पहले नौ महीनों के दौरान ही 93 दंगे हो चुके हैं। इसके अलावा 108 मौकों पर राज्य में तनाव के हालात बने।

इस साल सांप्रदायिक झगड़ों में 1,697 लोग घायल हुए, जिसमें 794 हिंदू और 703 मुस्लिम थे। इस साल दंगों में घायल हुए लोगों में 200 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

सपा सरकार शासित उत्तर प्रदेश में इस साल हुए दंगों में कुल 219 मुस्लिम और 134 हिंदू घायल हुए।
communal violence
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बिहार में 2013 के दौरान सांप्रदायिक गड़बड़ी के 40 मामले सामने आए और 25 अवसरों पर हालात तनावपूर्ण बने।

जदयू की नीतीश कुमार के शासन वाले बिहार में हुए दंगों में 9 लोग मारे गए, जिसमें पांच हिंदू और 4 मुसलमान थे। यहां घायल होने वालों में 123 हिंदू और 66 मुसलमान शामिल हैं। सांप्रदायिक हिंसा में 19 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के शासन वाले गुजरात में इस साल सांप्रदायिक हिंसा की 54 वारदातें हुईं और 21 मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी।

हिंसा की घटनाओं में 6 लोग मारे गए, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के 3-3 लोग शामिल हैं। प्रदेश में हिंसक वारदातों में 85 हिंदू, 57 मुस्लिम और 5 पुलिसकर्मी जख्मी हुए।


वहीं कांग्रेस शासित महाराष्ट्र में इस साल सांप्रदायिक गड़बड़ी की 56 घटनाएं हुई, जिसमें 3 हिंदू और 7 मुसलमान मारे गए।

घायलों में 101 हिंदू, 106 मुस्लिम और 64 पुलिसकर्मी शामिल हैं। प्रदेश में 100 अवसरों पर स्थिति तनावपूर्ण बनी।

वर्ष 2012 की बात करें तो आंकड़ों के अनुसार, देश में उस साल सांप्रदायिक हिंसा की 640 घटनाएं हुईं, जिसमें 93 लोगों की मौत हुई। इसमें 48 मुस्लिम और 44 हिंदू थे जबकि एक पुलिसकर्मी ने भी अपनी जान गंवाई।

पिछले साल दंगों में 2,067 लोग घायल हुए, जिसमें 1010 हिंदू, 787 मुस्लिम, 222 पुलिसकर्मी और 48 अन्य लोग थे।

उत्तर प्रदेश में 2012 के दौरान 117 सांप्रदायिक हिंसा में 39 लोगों की जान गई। इनमें 20 हिंदू और 19 मुस्लिम थे। घायलों में 266 हिंदू, 197 मुस्लिम और 25 पुलिसकर्मी शामिल थे।

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