नहीं पता कितने सांसदों ने छोड़ी LPG सब्सिडी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की जनता से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील के बाद करीब 10 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी एलपीजी सब्सिडी तो छोड़ दी है। लेकिन यह अबतक साफ नहीं हुआ है कि अबतक कितने सांसदों ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ी है और सरकार ने इसकी जानकारी देने से भी साफ इंकार कर दिया है।
एक आटीआई के जरिए जब इसका जवाब मांगा गया तो सरकार ने यह कहते हुए जवाब देने से इंकार कर दिया कि गैस वितरकों ने ऐसे कोई आंकड़े अलग से तैयार नहीं किए जिनमें सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के नाम शामिल हों। हालांकि, सरकार ने यह जरूर कहा कि mylpg.in पर ऐसे आंकड़े सार्वजनिक किए गए है जिसे कोई भी देख सकता है।
सरकार के जवाब के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एलपीजी सब्सिडी छोड़ने वालों के नाम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है तो फिर सरकार के पास इससे जुड़ी जानकारी क्यों नहीं है?
यूपी है नंबर वन
आपको बता दें सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल कंपनियां प्रचार अभियान के जरिए देश की जनता से विकास के नाम पर गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील कर रही हैं। कंपनियों को इसका फायदा भी मिला है। देशभर में अबतक करीब 10 लाख लोग अपनी गैस सब्सिडी छोड़ चुके हैं।
गैस सब्सिडी छोड़ने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। यहां अबतक 2.9 लाख उपभोक्ताओं ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी है। यूपी के बाद दूसरा नंबर महाराष्ट्र का आता है जहां बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ताओं ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी है।
आईओसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अबतक 10 लाख उपभोक्ताओं ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी है जिससे हमें सलाना 140 करोड़ रुपये की बचत होगी। हम उम्मीद करते हैं कि आगे आने वाले महीनों में इनकी संख्या और बढ़ेगी।