{"_id":"d01e4ba5c080de1c3d6e4c8285c44f61","slug":"government-plan-to-avoid-hacking-hindi-news-rs","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैकिंग से बचने के लिए सरकार ने की ये तैयारी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
हैकिंग से बचने के लिए सरकार ने की ये तैयारी
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Sat, 13 Sep 2014 08:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी तथ्यों को सुरक्षित रखने के लिहाज से जी मेल और याहू जैसे ईमेल सेवाओं के सरकारी प्रयोग पर प्रतिबंध लग सकता है।
विज्ञापन
इस संबंध में एक प्रस्ताव इलेक्ट्रानिक्स एंड इनफारमेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा इस महीने के अंत तक कैबिनेट अनुमोदन के लिए लाया जाएगा।
साइबर अपराधों के बढ़ते आंकड़े और हैकिंग की घटनाओं के देखते हुए ऐसी मेल सेवाओं के प्रयोग को लेकर सरकार चिंतित है। मालूम हो कि रूसी हैकर्स ने गत दिनों पचास लाख जी मेल यूजर्स के पासवर्ड को सार्वजनिक कर दिया था।
सूत्रों का कहना है कि रक्षा और विदेश मंत्रालय के लोग सरकारी वार्ता के लिए नेशनल इफोरमैटिक्स सेंटर (एनआईसी) का प्लेटफार्म प्रयोग करना होगा।
रक्षा मंत्रालय के पास खुद का अलग से मेल सर्वर है और विदेश मंत्रालय भी यही रास्ता अपना सकता है। हैकिंग की घटनाओं के बाद सरकारी ई-मेल के लिए अलग प्लेटफार्म बनाने को लेकर नीति बनाई गई है।
विज्ञापन
इस नीति से करीब 5-6 लाख केंद्रीय और राज्य के सरकारी कर्मचारी एनआईसी के ई-मेल सेवाओं का प्रयोग कर सकेंगे।