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वाड्रा के लिए सरकार ने सीलिंग एक्ट की अनदेखी की
चंडीगढ़/डॉ. सुरेंद्र धीमान
Updated Sat, 27 Oct 2012 12:01 AM IST
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की सैकड़ों एकड़ जमीन को सीलिंग एक्ट से बचाने के लिए हरियाणा की हुड्डा सरकार ने कानून की अनदेखी की। सीलिंग एक्ट कहता है कि एक व्यक्ति, कंपनी, परिवार, एसोसिएशन या अन्य संस्था हरियाणा में अधिकतम दो फसल देने वाली सिंचाई योग्य जमीन 18 एकड़ और गैर सिंचाई वाली अधिकतम 54.5 एकड़ जमीन रख सकती है।
लेकिन वाड्रा और उनकी कंपनियों के नाम दिसंबर, 2010 तक करीब 148 एकड़ जमीन हरियाणा में थी लेकिन उन पर लैंड सीलिंग एक्ट लागू नहीं किया। जिले के उपायुक्त ने न तो उनकी जमीन सरप्लस घोषित की और न ही लैंड सीलिंग एक्ट के तहत कोई कार्रवाई की। प्रदेश के राजस्व मंत्री इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचते रहे।
अधूरी रिपोर्ट पर दी गई क्लीन चिट
सीलिंग एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए रॉबर्ट वाड्रा को फरीदाबाद, गुड़गांव, मेवात और पलवल के उपायुक्तों ने सरकार के पास अधूरी रिपोर्ट भेजकर क्लीन चिट दे दी है। उपायुक्तों की भेजी रिपोर्ट में वाड्रा या उनकी कंपनियों ने कितनी जमीन किस नाम से कितनी राशि से खरीदी है, यह जानकारी तो दी गई है, लेकिन वाड्रा या उनकी कंपनियों ने जमीन बेची या नहीं, यह जानकारी नहीं दी गई है।
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लेकिन वाड्रा और उनकी कंपनियों के नाम दिसंबर, 2010 तक करीब 148 एकड़ जमीन हरियाणा में थी लेकिन उन पर लैंड सीलिंग एक्ट लागू नहीं किया। जिले के उपायुक्त ने न तो उनकी जमीन सरप्लस घोषित की और न ही लैंड सीलिंग एक्ट के तहत कोई कार्रवाई की। प्रदेश के राजस्व मंत्री इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचते रहे।
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अधूरी रिपोर्ट पर दी गई क्लीन चिट
सीलिंग एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए रॉबर्ट वाड्रा को फरीदाबाद, गुड़गांव, मेवात और पलवल के उपायुक्तों ने सरकार के पास अधूरी रिपोर्ट भेजकर क्लीन चिट दे दी है। उपायुक्तों की भेजी रिपोर्ट में वाड्रा या उनकी कंपनियों ने कितनी जमीन किस नाम से कितनी राशि से खरीदी है, यह जानकारी तो दी गई है, लेकिन वाड्रा या उनकी कंपनियों ने जमीन बेची या नहीं, यह जानकारी नहीं दी गई है।
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