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भूमि बिल पर अभी और झुकेगी मोदी सरकार

Thu, 12 Mar 2015 08:38 AM IST
Updated Thu, 12 Mar 2015 08:38 AM IST
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Government on land acquisition bill now and bow

राज्यसभा में विपक्ष के बहुमत के चलते तमाम आर्थिक सुधार से जुड़े बिलों पर जूझ रही केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पर बीच का रास्ता निकालने की संभावना टटोल रही है।

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लोकसभा से पारित बिल के मौजूदा स्वरूप के खिलाफ ताल ठोक रहे विपक्ष को मनाने के लिए सरकार ने बिल में कुछ और बदलाव करने के पुख्ता संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि बिल में किसानों की सहमति और सामाजिक प्रभाव के आकलन वाले प्रावधान पर सरकार नरमी बरत सकती है।
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इन दोनों ही प्रावधानों पर विपक्षी दलों का ज्यादा विरोध है। सरकार राज्यसभा में बिल को पेश करने से पहले संख्या बल का जुगाड़ कर लेना चाहती है। इसलिए वह बिल को बजट सत्र के दूसरे हिस्से में राज्यसभा में पेश करेगी।
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एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि विपक्ष को राजी करने के तहत सरकार लोकसभा में पारित बिल में कुछ और बदलाव करेगी। इसीलिए बिल को सत्र अवकाश के बाद बजट सत्र के दूसरे हिस्से में राज्यसभा में पेश किया जाएगा। सरकार के आला मंत्री विपक्षी दलों को साधने में जुटे हुए हैं।

विपक्ष का समर्थन हासिल करने के लिए झुकेगा केन्द्र

Government on land acquisition bill now and bow

परदे के पीछे वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी क्षेत्रीय दलों से संपर्क में हैं। लोकसभा में बिल पर मतदान के दौरान बीजद और टीआरएस के बहिष्कार को सरकार के रणनीतिकार सुखद संदेश मान रहे हैं।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस बिल के खिलाफ विपक्ष को लामबंद करने में जुटी है। तृणमूल ने बिल के खिलाफ संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च की तैयारी करते हुए सभी दलों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है।

इस अभियान में जदयू नेता शरद यादव भी शामिल हैं। संसद के बजट सत्र का पहला हिस्सा 20 मार्च को खत्म हो रहा है और अवकाश के बाद दूसरा सत्र फिर 20 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई तक चलेगा।

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