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‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ पर सरकार को ऐतराज

Sun, 24 Feb 2013 12:25 AM IST
नई दिल्ली/संजय मिश्र
नई दिल्ली/संजय मिश्र Updated Sun, 24 Feb 2013 12:25 AM IST
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government objection on the attacks of 26/11

मुंबई आतंकी हमले पर बनी चर्चित फिल्मकार रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ पर कुछ संवेदनशील दृश्यों के कारण संकट के बादल छा गए हैं। भारत पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले की सत्यकथा पर आधारित इस फिल्म के कुछ दृश्यों पर सरकार समेत सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को ऐतराज है।

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गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सेंसर बोर्ड से फिल्म को दोबारा देख कुछ दृश्यों की कड़ी समीक्षा करने को कहा है। 26/11 हमले के बाद विवादों से जुड़े रहे वर्मा की फिल्म पर सरकारी आपत्तियों को देख माना जा रहा है कि उन्हें कुछ दृश्यों में कांट-छांट करनी पड़ सकती है।
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उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने खुफिया विभाग की अनुशंसा पर सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि देश की आंतरिक सुरक्षा की जवाबदेही गृह मंत्रालय की है। लिहाजा उसे ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ के बारे में विश्वास में रखा जाए। आपत्तियों की सूची के साथ मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड से कुछ संवादों और दृश्यों में संशोधन कराने को भी कहा है।
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सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग ने सरकार को आगाह किया कि फिल्म में हमले के दौरान राज्य और केंद्र सरकारों को हतप्रभ और दुविधा में दिखाया गया है। फिल्म में तीन दिन तक ताज होटल में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ हुई खूनी जंग के दौरान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को फैसले लेने में देर करते और ढुलमुल रवैया अपनाते भी दिखाया गया है। नाना पाटेकर फिल्म में मुख्य पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।

गौरतलब है कि 26/11 हमला खत्म होने के बाद महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख जब पहली बार ताज होटल का मुआयना करने गए तो रामगोपाल वर्मा और देशमुख के अभिनेता पुत्र रितेश भी साथ थे। इस पर काफी विवाद हुआ और देशमुख की मुख्यमंत्री पद से विदाई में यह भी एक कारण बना।


अब चार साल बाद वर्मा हमले के प्रत्यक्षदर्शियों और एकमात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब के कबूलनामा बयानों के आधार पर 26/11 हमले की कहानी को रुपहले पर्दे पर ला रहे हैं।

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