सांसदों को बर्खास्त कर सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है: सोनिया
लोकसभा से अपने 25 सांसदों को निलम्बित किए जाने के विरोध में कांग्रेस संसद परिसर में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रही है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा कई कांग्रेसी नेता मौजूद हैं।
गौरतलब है कि करीब डेढ हफ्ते से संसद में भारी हंगामे के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी। कांग्रेस नेता सदन के अंदर लगातार बिलबोर्ड लेकर प्रदर्शन कर रहे थे जिस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कई बार आपत्ति दर्ज कराते हुए चेतावनी भी दी थी लेकिन वे नहीं माने। नेताओं के इस रवैये पर लगातार बने रहने के कारण महाजन ने कांग्रेस के 25 सांसदों समेत कुल 27 सांसदों को सदन की अगली 5 बैठकों के लिए बर्खास्त कर दिया।
महाजन के इस फैसले को सोनिया गांधी ने लोकतंत्र के लिए एक काला दिन बताया था। इसके साथ ही उन्होंने यह साफ कर दिया था कि वे अपने सांसदों के साथ खड़ी हैं और इस फैसले के खिलाफ संसद पर प्रदर्शन करेंगी।
काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
संसद परिसर में जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी का कहना है कि वे पूरे देश में मोदी सरकार को घेरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देश से मन की बात करने वाले पीएम देश के मन की भी बात सुन लें। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज ने कानून तोड़ा है और इसके लिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा।
सांसदों के निलंबन को लेकर कई कांग्रेसी नेताओं का कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के इशारे पर कांग्रेसी नेताओं को बर्खास्त किया है। वहीं सानिया गांधी ने सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'सरकार की जिम्मेदारी बनती है की वह संसद को चलाए। सरकार ने जो फैसला किया है वह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।'
वहीं राहुल गांधी ने कहा कि भूमि बिल के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध के बाद ही सरकार ने यू टर्न लिया है। अब जब व्यापम और ललित गेट के मामले में सरकार घिर गई है तो हमारे सांसदों को सदन के बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। सराकार भले ही हमें संसद के बाहर उठा कर फेंक दे हम फिर भी विरोध करेंगे।