{"_id":"d091cefa-1139-11e2-a185-d4ae52ba91ad","slug":"government-may-increase-rail-fares-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई की मारः फिर बढ़ सकता है रेल भाड़ा ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
महंगाई की मारः फिर बढ़ सकता है रेल भाड़ा
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 08 Oct 2012 04:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्थिक सुधारों के बीच गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद अब रेल का किराया भी बढ़ सकता है। रेलवे की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए अब सरकार विभिन्न उपाय करने की तैयारी में है। सरकार आर्थिक सुधार की अपनी योजना का दायरा रेलवे तक बढ़ा रही है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि अगर लोग रेलवे में बेहतर सुविधाएं चाहते हैं तो उन्हें ज्यादा किराया देना ही होगा।
विज्ञापन
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक सरकार रेलवे को आर्थिक संकट से बचाने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। वित्त मंत्रालय, योजना आयोग और रेलवे इस संबंध में कई उपायों पर काम कर रहे हैं। इनमें रेलवे का किराया बढ़ाना, निवेश बढ़ाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी, माल ढुलाई के लिए गोल्डन क्वाड्रीलैटरल नेटवर्क तैयार करना और फंड प्राप्त करने के लिए भूमि संसाधनों के जरिए धन जुटाना शामिल है।
विज्ञापन
किराया निर्धारण के लिए एक स्वतंत्र रेल विनियामक प्राधिकरण बनाने की योजना भी हो सकती है या फिर किराए को मुद्रास्फीति से भी जोड़ा जा सकता है। रेलवे के आधुनिकीकरण पर सेम पित्रोदा के नेतृत्व में बने विशेषज्ञ समूह ने रेलवे के लिए अगले पांच सालों में 8.39 लाख की जरूरत बताई थी। इस लक्ष्य को पाने के लिए सेवा कर लागू करने के साथ प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अखबार ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से लिखा है कि रेलवे का टर्न-अराउंड अब अगला एजेंडा है। संस्थान में नई जान फूंकने के लिए कोशिशें की जा रही हैं।
विज्ञापन