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अब 72 घंटे के भीतर हो जाएगा कालेधन के संदिग्धों का खुलासा

Mon, 23 Nov 2015 06:07 AM IST
Updated Mon, 23 Nov 2015 06:07 AM IST
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Government made Economical intelligence unit on black money

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने काले धन को लेकर स्विस एचएसबीसी की चुराई गई लिस्ट में शामिल भारतीयों के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। ईडी ने इन मामलों में हवाला और मनी लांड्रिंग के तहत एक स्वतंत्र प्रारंभिक जांच शुरू की है।

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ईडी ने हाल ही में इस संबंध में विभिन्न अदालतों के रजिस्ट्री कार्यालयों से 140 कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा दायर अभियोजन आरोप पत्रों का ब्योरा हासिल करने का काम शुरू किया है। ईडी खुद व काले धन पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) चाहते थे कि कर विभाग और इसकी शीर्ष संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) इन मामलों में ब्योरों को निदेशालय के साथ साझा करे।
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हालांकि, कर विभाग विदेशी सरकारों से हासिल जानकारी के साथ जुड़ी कड़ी शर्तों का हवाला देते हुए इस आग्रह को अब तक लगातार खारिज करता रहा है। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने कुछ समय पहले यह फैसला किया कि देश में विभिन्न अदालतों की रजिस्ट्री से मामलों की रिपोर्ट हासिल कर उनकी समीक्षा जाए।
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72 घंटे में रिपोर्ट तैयार करेगा एफआईयू

Government made Economical intelligence unit on black money

उन्होंने बताया कि ईडी को कुछ मामले पहले ही मिल चुके हैं। सूत्रों के अनुसार बैंक के एक कर्मचारी द्वारा कथित रूप से ‘चुराए’ जाने के बाद यह सूची फ्रांसीसी सरकार ने कुछ साल पहले भारत सरकार को उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कहा कि इस सूची में से अनेक मामलों में तो प्रथमदृष्टया विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत आरोप बनते हैं।

इनमें से अनेक में मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के कड़े प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। एचएसबीसी की सूची में कुल 628 भारतीयों के नाम सामने आ चुके हैं जिनमें से 200 नॉन रेजीडेंट्स हैं। 428 मामलों को कार्रवाई योग्य माना गया। इन 428 मामलों में करीब 4500 करोड़ रुपये का काला धन है।

केंद्र सरकार ने वित्तीय खुफिया यूनिट (एफआईयू) की क्षमताओं को बढ़ाया है। इसके तहत एफआईयू अब किसी संदेहास्पद लेनदेन पर 72 घंटे में अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और देश की विभिन्न कानूनी एजेंसियों द्वारा तैयार अपराधियों के गुप्त डाटाबेस तक पहुंच बना सकेगी। अभी तक एजेंसी इस काम में एक पखवाड़े से 20 दिन का समय लग जाता था।

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